नासिक सिंहस्थ कुंभ के नाम पर 500 करोड़ का महाघोटाला! आयुक्त की फर्जी साइन से ठगे ठेकेदार, 4 आरोपी गिरफ्तार

Nashik Simhastha Kumbh Mela Scam: नासिक कुंभ मेले की आड़ में 500 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर जारी कर ठेकेदारों से 65 लाख रुपये ऐंठने का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया।
Nashik Simhastha Kumbh Mela Tender Scam:
नासिक कुंभ के नाम पर फर्जी टेंडर घोटालाप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
Updated on

Nashik Simhastha Kumbh Mela Tender Scam: नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए करीब 32 हजार करोड़ रुपये के काम प्रस्तावित हैं। इसी का फायदा उठाकर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ ठगों ने नासिक के विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम के फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 500 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर तैयार किए। इतना ही नहीं, काम दिलाने के नाम पर 9 ठेकेदारों से करीब 65 लाख रुपये वसूले गए और असली वर्क ऑर्डर की कॉपी-पेस्ट कर फर्जी वर्क ऑर्डर भी जारी किए गए।

ठेकेदार जब इन वर्क ऑर्डर को लेकर सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इनमें से एक ठेकेदार छत्रपति संभाजीनगर का बताया जा रहा है। मामले में नासिक पुलिस ने जामनेर से तीन और धुलिया के पास से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को ही 400 से 500 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले की बात कही थी। इस मामले में 30 अप्रैल को डॉ. गेडाम की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

ऑनलाइन-ऑफलाइन मंजूरी का उठाया फायदा

नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत विभिन्न काम शुरू हैं। इन कामों की मंजूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से चल रही है। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने दो समय के भोजन, नाश्ता, कंबल और पीने के पानी की आपूर्ति जैसे कामों के लिए बिल्कुल सरकारी दस्तावेजों जैसे दिखने वाले फर्जी ऑफलाइन टेंडर तैयार किए।

इन फर्जी टेंडरों को योजनाबद्ध तरीके से ठेकेदारों तक पहुंचाया गया। कुछ ठेकेदार इनके झांसे में आ गए और उन्हें काम दिलाने के नाम पर 65 लाख रुपये वसूले गए।

इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ठगी की रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आरोपियों ने सिंहस्थ प्राधिकरण के वास्तविक वर्क ऑर्डर की कॉपी-पेस्ट कर फर्जी वर्क ऑर्डर तैयार किए।

Nashik Simhastha Kumbh Mela Tender Scam:
राज ठाकरे की CM फडणवीस से अचानक मुलाकात: वर्षा बंगले पर पहुंचे MNS प्रमुख, महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज

‘कमीशन फिक्स’ की ऑडियो क्लिप से भी मचा था हड़कंप

सिंहस्थ प्राधिकरण के लेटरहेड पर प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर कर कार्यारंभ आदेश जारी करने के मामले में नासिक रोड पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

नासिक कुंभ मेले के लिए करीब 32 हजार करोड़ रुपये के काम होने हैं। इसी बीच मार्च में मंत्रालय के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारी विलास लाड की कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। इसमें सिंहस्थ कुंभ मेले की निविदा प्रक्रिया में हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और ‘कमीशन फिक्स’ होने के दावे किए गए थे। इसके बाद फर्जी वर्क ऑर्डर का मामला सामने आने से प्रशासन में खलबली मच गई।

Nashik Simhastha Kumbh Mela Tender Scam:
जरा याद करो कुर्बानी: नंदुरबार के 16 साल के शेर का जिगरा देख कांप उठे थे अंग्रेज, सीने पर खाईं थी 4 गोलियां

मंत्री महाजन के घर के पास से भी संदिग्ध हिरासत में

पुलिस टीम ने मंत्री गिरीश महाजन के निवास वाले बजरंगपुरा इलाके से एक और पाचोरा रोड से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। डोंगरी महाराजनगर इलाके में एक संदिग्ध के परिवार को पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे नासिक पुलिस से हैं और फर्जी वर्क ऑर्डर मामले में उनके बेटे को हिरासत में लिया जा रहा है।

हिरासत में लिए गए लोगों में से एक धुले मनपा का शिक्षक बताया जा रहा है। चर्चा है कि इन दोनों ने मिलकर एक किराना दुकानदार के बैंक खाते में ठेकेदार से ऑनलाइन 30 लाख रुपये मंगवाए थे। पुलिस इस लेन-देन की भी जांच कर रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com