

सेवा कार्य में समिति के करीब 400 स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।
श्रद्धालुओं के लिए सुबह 9 बजे से भोजन व्यवस्था शुरू हुई।
भोजन में दाल, चावल, मिश्रित सब्जी, पूरी और शिरा परोसा गया।
दोपहर डेढ़ बजे तक आदिवासी श्रद्धालुओं की पंगतें चलती रहीं।
Human Service Food Distribution: सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण और महागोदाआरती समारोह में जहां आस्था और अध्यात्म का महासंगम देखने को मिला, वहीं मानव सेवा की प्रेरक मिसाल भी सामने आई। मानव उत्थान सेवा समिति ने जिले के दुर्गम क्षेत्रों से आए साढ़े छह हजार आदिवासी श्रद्धालुओं सहित कुल साढ़े आठ हजार लोगों के लिए भोजन और अल्पाहार की व्यवस्था की।
सुबह से शाम तक चले इस सेवा कार्य में समिति के करीब 400 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया। मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरुदेव श्री सतपालजी महाराज की प्रेरणा से कार्यरत समिति ने पालकमंत्री एवं कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन तथा सिंहस्थ प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह की अपील पर यह जिम्मेदारी उठाई।
आयोजन की तैयारी के लिए मानव सेवा दल, मिशन एजुकेशन यूथ टीम और मानव धर्म प्रेमी पिछले आठ दिनों से जुटे हुए थे। वसई के महात्मा आचार्यानंदजी सहित विभिन्न स्थानों से आई साध्वियों के मार्गदर्शन में सेवा कार्य संपन्न हुआ।
नासिक जिले के गंगापुर रोड स्थित केटीएचएम महाविद्यालय मैदान में शनिवार सुबह करीब 400 स्वयंसेवक भोजन व्यवस्था संभालने पहुंचे। सुबह नौ बजे से श्रद्धालुओं का आना शुरू हुआ। उनका चाय और बिस्कुट से स्वागत किया गया। सुबह दस बजे से अलग-अलग काउंटरों पर भोजन वितरण शुरू हुआ। भोजन में दाल, चावल, मिश्रित सब्जी, पूरी और शिरा रखा गया था।
स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा गया। दोपहर डेढ़ बजे तक आदिवासी श्रद्धालुओं की पंगतें चलती रहीं। भोजन के बाद श्रद्धालु महागोदाआरती में शामिल होने के लिए गोदाघाट की ओर रवाना हुए। समिति ने शाम को भी सेवा जारी रखी। गोदाआरती से पहले गोदाघाट पर साढ़े आठ हजार श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। इस प्रकार सुबह से शाम तक हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
मानव उत्थान सेवा समिति के नासिक में तीन प्रमुख आश्रम हैं। इनमें नासिक-पुणे रोड स्थित शिवाजीनगर का श्री हंस कल्याण धाम, तपोवन का सर्वधर्म मंदिर और सातपुर का श्री हंस ध्यान मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से समिति आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियां संचालित करती है। सिंहस्थ कुंभ के इस बड़े आयोजन में अन्नसेवा के जरिए समिति ने सामाजिक समर्पण और मानवता का संदेश दिया।