

Nashik Simhastha Kumbh Fake Work Fraud: सिंहस्थ कुंभ मेले के नाम पर फर्जी दस्तावेज, सरकारी राजमुद्रा और जाली वर्क ऑर्डर जारी कर 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ नासिक रोड पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।
पुलिस ने मामले के मुख्य सरगनाओं सहित उन चार अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिनके बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों के खातों में जमा लगभग 3 करोड़ की राशि पाए जाने पर पुलिस ने खातों को तुरंत फ्रिज कर दिया है।
पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देशों के बाद नासिक रोड पुलिस स्टेशन की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर जलगांव जिले के जामनेर इलाके से सभी 6 संदिग्धों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मुख्य आरोपी तनय अनंत महाजन (पाचोरा रोड, जामनेर), नरेंद्र तोताराम महाजन (देशमुख गली, जामनेर) और शोएब अहमद अब्दुल सत्तार शेख (गणेशवाड़ी रोड, जामनेर) ने पांच ठेकेदारों का विश्वास जीतकर उन्हें हाउसकीपिंग और अन्य कार्यों के फर्जी वर्क ऑर्डर सौंपे थे।
इसके बाद हड़पे गए 3 करोड़ रुपये संदिग्ध शोएब शेख, अब्दुल रईस शेख, शकील अहमद शेख और मोहम्मद वसीम के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। नासिक रोड पुलिस ने इन सभी बैंक खातों का डिजिटल और वित्तीय ऑडिट शुरू कर दिया है तथा धनराशि जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चलाई जा रही है।
आरोपियों ने केंद्र सरकार की फर्जी राजमुद्रा, फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर, फर्जी सूचियों और नासिक नगर निगम की टेंडर नोटिस का दुरुपयोग कर हूबहू वर्क ऑर्डर तैयार किए। इस गिरोह ने पहले एक ठेकेदार को निशाना बनाया और फिर उसी आधार पर अन्य ठेकेदारों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।
नासिक रोड पुलिस स्टेशन में इन आरोपियों के खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में कुछ सरकारी कर्मचारी या अन्य बड़े चेहरे भी शामिल हैं, और फर्जी दस्तावेज व डिजिटल हस्ताक्षर कहां तैयार किए गए थे।