

Nashik Road Digging NMC Negligence: नासिक के सातपुर-अंबड औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए हाल ही में बनी कंक्रीट सड़क को दोबारा बीच से खोदा जा रहा है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मनपा के नियोजन पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
सातपुर, अंबड और सातपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले एक्सलो पॉइंट-पपया नर्सरी मार्ग तथा सातपुर-अंबड लिंक रोड पर ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए सड़क के बीचों-बीच खुदाई शुरू होने से विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि कुछ महीने पहले ही कंक्रीटीकरण के जरिए सड़क को तैयार किया गया था। अब उसी सड़क को दोबारा खोदे जाने से महानगरपालिका के इंजीनियरिंग विभाग के नियोजन पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए सड़क के किनारे साइडपट्टी का विकल्प मौजूद होने के बावजूद सड़क के बीच में खुदाई की जा रही है। इससे पहले किए गए सड़क निर्माण पर खर्च हुए सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
खुदाई के कारण मार्ग की उपलब्ध चौड़ाई कम हो गई है। इस रास्ते से भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। सड़क की स्थिति खराब होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्ग पर पहले से ही गड्ढों और कीचड़ की समस्या बनी हुई थी। अब ड्रेनेज लाइन के लिए की गई खुदाई से यातायात जाम की स्थिति बनने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
सातपुर-अंबड औद्योगिक क्षेत्र में रोजाना हजारों श्रमिक, उद्यमी और नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की खुदाई से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में इसे लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण और भूमिगत सुविधाओं के काम में पहले से समन्वय किया जाता तो नई सड़क को दोबारा खोदने की स्थिति नहीं आती।
समाजसेवी संदीप तांबे और स्थानीय उद्यमियों ने मनपा प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की है कि हाल ही में बनी सड़क को दोबारा खोदने का निर्णय किस नियोजन के तहत लिया गया।
उन्होंने सड़क निर्माण और ड्रेनेज लाइन के काम के बीच समन्वय की जांच करने की मांग की है। साथ ही यदि नियोजन में लापरवाही के कारण सार्वजनिक धन की बर्बादी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।
अब स्थानीय लोगों की नजर मनपा प्रशासन की ओर है कि सड़क की खुदाई और यातायात सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।