नासिक के 103 गांवों-बस्तियों में टैंकरों से पहुंच रहा पानी, 71 हजार से अधिक लोग निर्भर

Nashik Rural Water Crisis: नासिक जिले में सूखे के कारण ग्रामीण पेयजल संकट गहराया। 37 टैंकरों से 103 स्थानों पर पानी पहुंचाया जा रहा है। येवला में सबसे ज्यादा 82 स्थान प्रभावित हैं।
Nashik Rural Water Crisis Water Supply
नासिक ग्रामीण जल संकट जल आपूर्तिसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • नासिक जिले के 103 स्थानों पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति।

  • 37 टैंकरों के जरिए 71,729 नागरिकों तक पहुंच रहा पानी।

  • येवला तहसील के 82 स्थानों पर 29 टैंकर तैनात।

  • मालेगांव तहसील के 20 स्थानों पर छह टैंकरों से जलापूर्ति।

  • जिला प्रशासन वैकल्पिक जलस्रोतों की तलाश में जुटा।

Nashik Rural Water Crisis Water Supply: बारिश की कमी और सूखे के कारण नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। जिला प्रशासन 37 टैंकरों के माध्यम से 35 गांवों और 69 वाडियों-बस्तियों सहित 103 स्थानों पर पानी पहुंचा रहा है। इस व्यवस्था से 71,729 नागरिकों को राहत मिल रही है। येवला तहसील में सबसे अधिक 82 स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट

नासिक हाइलाइट्स

  • नाशिक जिले के 103 स्थानों पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति।

  • 37 टैंकरों के जरिए 71,729 नागरिकों तक पहुंच रहा पानी।

  • येवला तहसील के 82 स्थानों पर 29 टैंकर तैनात।

  • मालेगांव तहसील के 20 स्थानों पर छह टैंकरों से जलापूर्ति।

  • जिला प्रशासन वैकल्पिक जलस्रोतों की तलाश में जुटा।, बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात के कारण नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। कई गांवों और वाडियों-बस्तियों में स्थानीय जलस्रोतों का जलस्तर घटने से नागरिकों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के माध्यम से 37 टैंकरों की व्यवस्था की है। इनके जरिए जिले के 35 गांवों और 69 वाडियों-बस्तियों सहित कुल 103 स्थानों पर नियमित रूप से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इस व्यवस्था से 71,729 नागरिकों को लाभ मिल रहा है।

येवला में सबसे ज्यादा संकट

जिले की तहसीलों में येवला में जलसंकट सबसे अधिक गंभीर बताया जा रहा है। यहां 27 गांवों और 55 वाडियों-बस्तियों सहित कुल 82 स्थानों पर 29 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस व्यवस्था से 52,869 नागरिकों को राहत मिल रही है।

जिले में तैनात कुल 37 टैंकरों में से 29 अकेले येवला तहसील में लगाए गए हैं। लाभार्थियों की संख्या भी इसी तहसील में सबसे अधिक है। इससे यहां पेयजल संकट की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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मालेगांव के 20 स्थानों पर टैंकरों का सहारा

मालेगांव तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां छह गांवों और 14 वाडियों-बस्तियों सहित कुल 20 स्थानों पर छह टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। इस व्यवस्था से 13,140 नागरिकों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

चांदवड़ और देवला तहसीलों में भी जरूरत के अनुसार टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता और मांग को ध्यान में रखकर व्यवस्था की जा रही है।

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वैकल्पिक जलस्रोतों की तलाश

ग्रामीण जलापूर्ति विभाग प्रभावित क्षेत्रों की लगातार समीक्षा कर रहा है। जिन स्थानों पर मौजूदा जलस्रोतों से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, वहां वैकल्पिक जलस्रोतों की उपलब्धता पर विचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या बढ़ाने और जलापूर्ति व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी भी है।

त्योहारों और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने चुनौती बना हुआ है। पानी की कमी से घरेलू कामकाज और पशुओं की देखभाल जैसी गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।

जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक उपायों के निर्देश

जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने बताया कि पालकमंत्री गिरीश महाजन के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन जलसंकट की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

नासिक जिले में सूखे के कारण ग्रामीण पेयजल संकट गहराया। 37 टैंकरों से 103 स्थानों पर पानी पहुंचाया जा रहा है। येवला में सबसे ज्यादा 82 स्थान प्रभावित हैं।