प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik Rural Housing: नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर और जरूरतमंद परिवारों के लिए इस बार का गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक होने वाला है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार की संकल्पना से जिले में एक अनूठा और भव्य उपक्रम आयोजित किया जा रहा है। 26 जनवरी को दोपहर ठीक 12 बजे जिले के 75 हजार से अधिक लाभार्थी एक साथ अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे।
इस महा-गृहप्रवेश सोहले में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ शामिल है। कुल 75 हजार घरों में से 51 हजार घर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पूर्ण किए गए हैं।
शेष 24 हजार घरों का निर्माण राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न आवासीय योजनाओं के माध्यम से हुआ है। इन घरों का आवंटन अनुसूचित जाति-जनजाति, घुमंतू जातियों, अल्प आय वर्ग, विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर परिवारों के लिए पक्का घर मिलना उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे का समय इन हजारी परिवारों के जीवन में नई खुशिया और सुरक्षा लेकर आएगा। इस भव्य आयोजन की तैयारियां जिले भर में युद्ध स्तर पर जारी है।
सोमवार, 26 जनवरी को नासिक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत, तहसील और पंचायत समिति स्तर पर यह कार्यक्रम एक साथ आयोजित होगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहकर लाभार्थियों को उनके नए आशियाने की चाबियां सौंपेंगे।
प्रशासन का उद्देश्य केवल घर देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सुरक्षित निवारा देकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति दी गई है।
जिला प्रशासन, पंचायत राज संस्थाओं और ग्राम पंचायतों के आपसी तालमेल के कारण इतनी बड़ी संख्या में धस्कूल का निर्माण समय पर पूरा हो सका है।
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एक ही समय पर 75 हजार परिवारों का गृहप्रवेश नासिक जिले के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा की परियोजना निदेशक प्रतिभा संगमनेरे ने बताया कि प्रशासन शेष पात्र लाभार्थियों को भी जल्द से जल्द घर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।