नगर निगम का एक्शन, नासिक में बढ़ा कर संकलन; 500 करोड़ की घरपट्टी बनी चुनौती

Nashik Property Tax: नासिक में कर संकलन 149 करोड़ से बढ़कर 288 करोड़ हुआ, लेकिन 500 करोड़ से ज्यादा घरपट्टी बकाया चुनौती बनी। 70 बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी।
Municipal Corporation Takes Action: Tax Collection Rises in Nashik; ₹500 Crore Property Tax Arrears Pose a Challenge.
Nashik Municipal Tax Collection( Source: Social Media )
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Nashik Municipal Tax Collection: नासिक महानगर के बढ़ते विस्तार के साथ ही नगर निगम के कर संकलन में भारी वृद्धि देखी गई है। जहां एक ओर वित्त वर्ष 2021-22 में यह संकलन 149 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 288 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

हालांकि, इस सकारात्मक वृद्धि के बावजूद 'बकाया घरपट्टी' की वसूली नगर निगम के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई है, जो अब 500 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है।

नगर निगम प्रशासन ने बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं-जानकारी के अनुसार, लगभग 70 बड़े बकायेदारों को कानूनी नोटिस और समन जारी किए गए हैं।

शहर के विस्तार के साथ संपत्तियों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में संपत्ति कर की मांग जो 390 करोड़ रुपये थी, वह 2024-25 में बढ़कर 834 करोड़ रुपये हो गई है। प्रशासन अब इन बकायेदारों के खिलाफ और अधिक कड़े दंडात्मक कदम उठाने की तैयारी में है ताकि बजट के गणित को सुधारा जा सके।

जल कर वसूली में भी आया उछाल

संपति कर के साथ-साथ जल कर की वसूली में भी सुधार देखा गया है-2020-21 में कुल मांग 152.72 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 207.33 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक जल कर की वसूली लगभग 60 करोड़ रुपये हो चुकी है, जिसमें पुरानी बकाया राशि का हिस्सा अधिवा है। हाल ही में समाप्त हुए आंकड़ों के अनुसार, सिडको क्षेत्र कर वसूली में सबसे आगे रहा है।

नासिक महानगरपालिका की आय में तो निरंतर वृद्धि हो रही है, लेकिन 500 करोड़ का बकाया चिंता का विषय है। कुल कर वसूली लगभग 34,768.53 लाख रुपये रही है।

इसमें संपत्ति कर के रूप में 287 करोड़ 60 लाख 92 हजार रुपये और जल कर के रूप में 60 करोड़ 7 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। 2020-21: वसूली 75.26 करोड़ रुपये थी।

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