नासिक मनपा में एआर प्रकरणों पर सवाल, आय बढ़ाने के सुझाव नजरअंदाज; नगर निगम पर उठे सवाल

Nashik Municipal AR Properties: नासिक मनपा में एआर के तहत मंजूर 133 प्रकरणों में कई निर्माण रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। भाजपा पार्षद ने दावा किया कि इनसे 100 करोड़ रुपये वार्षिक आय हो सकती है।
Questions Raised Over AR Cases in Nashik Municipal Corporation; Revenue-Enhancing Suggestions Ignored—Municipal Body Under Scrutiny.
Nashik Urban Land Allocation Controversy( Source: Social Media )
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Nashik Urban Land Allocation Controversy: नासिक महानगरपालिका द्वारा अकोमोडेशन रिजर्वेशन (एआर) यानी निवास आरक्षण के तहत लगभग 133 प्रकरणों को मंजूरी दी गई है। लेकिन यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इनमें से कई निर्माण कार्य मनपा के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक सुधाकर बडगुजर ने दावा किया कि यदि इन संपत्तियों को निगम अपने कब्जे में ले लेता है, तो इससे प्रति वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

आय के स्रोतों पर प्रशासन का संकीर्ण दृष्टिकोण

स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद, महासभा में कई पार्षदों ने आय बढ़ाने के उपाय सुझाए, पार्षदों का आरोप है कि प्रशासन की दृष्टि केवल संपत्ति कर, जल कर, विज्ञापन शुल्क और विकास शुल्क तक ही सीमित रहती है। इसी कारण निगम को हमेशा धन की कमी का सामना करना पड़ता है और अंततः ऋण पत्रों (डिबेंचर्स) तथा बॉन्ड का सहारा लेना पड़ता है। एआर के तहत मंजूर 133 प्रकरणों से मिलने वाली संपत्तियों का नगर निगम के पास कोई अद्यतन रिकॉर्ड नहीं है। बडगुजर ने सवाल उठाया कि निवास आरक्षण के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में निगम का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा कितना है? इन संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल और बिल्डर का तय हिस्सा सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल

घोटाले की चर्चा के दौरान सुधाकर बडगुजर ने शिक्षा विभाग में हुई अनियमितताओं पर भी प्रशासन से जवाब मांगा, जब पद रवीकृत नहीं थे, तो 53 अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती कैसे की गई? उन्होंने पूछा कि इन शिक्षकों का वेतन किस आधार पर निकाला जा रहा है और अब तक इस मामले में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? बडगुजर ने जोर देकर कहा कि यदि प्रशासन इच्छाशक्ति दिखाए, तो राजस्व में 100 करोड़ रुपये की वृद्धि की जा सकती है, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी, मनपा के बजट सत्र में उजागर हुए इन मुद्दों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह है कि रिकॉर्ड से गायब इन 133 परियोजनाओं पर प्रशासन क्या ठोस कार्रवाई करता है।

नगर निगम के पास आय के कई स्रोत हैं, लेकिन रिकॉर्ड गायब होना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। 133 परियोजनाओं का हिसाब मिलने पर मनपा को 100 करोड़ का फायदा होगा।

-भाजपा, वरिष्ठ नगरसेवक, सुधाकर बडगुजर

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