

Nashik Stray Dogs Niphad Protest : नासिक के निफाड में आवारा कुत्तों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शनकारी बोरे में कुछ आवारा कुत्तों को भरकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और बातचीत के दौरान उन्हें मुख्याधिकारी की मेज पर छोड़ दिया।
अचानक सामने आए कुत्तों को देखकर अधिकारी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। हालांकि, इस तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
निफाड शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के पदाधिकारियों ने विरोध का अलग तरीका अपनाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, कुछ कार्यकर्ता आवारा कुत्तों को बोरे में भरकर निफाड नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और बातचीत के दौरान कुत्तों को नगर पंचायत के मुख्याधिकारी धीरज भामरे के कार्यालय में ले जाकर छोड़ दिया।
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि बोरे से बाहर निकलने के बाद कुत्ते कार्यालय में इधर-उधर घूमने लगे। कुछ कुत्ते अधिकारी की साइड टेबल के पास जाकर बैठ गए। अचानक कार्यालय में कुत्तों को देखकर मुख्याधिकारी धीरज भामरे भी कुछ समय के लिए हैरान नजर आए।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, निफाड शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बनी हुई है। इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिवसेना के युवासेना जिलाप्रमुख विक्रम रंधवे कुछ कार्यकर्ताओं के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आवारा कुत्तों के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और नगर पंचायत को इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
नासिक शहर प्रदर्शनकारी अपने साथ मुख्याधिकारी के लिए नोटों की एक माला भी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारी को माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन मुख्याधिकारी ने इसे पहनने से इनकार कर दिया।
बताया गया कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
जब विक्रम रंधवे कुत्तों को कार्यालय की मेज पर छोड़ रहे थे, उस दौरान अन्य कार्यकर्ता इसका वीडियो बना रहे थे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह प्रदर्शन चर्चा में आ गया।
हालांकि, इस विरोध के तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन का समर्थन किया। वहीं, कुछ लोगों ने कुत्तों को बोरे में भरकर ले जाने और इस तरह प्रदर्शन में इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई तथा इसे पशुओं के प्रति निर्दयता बताया।
इस घटना के बाद आवारा कुत्तों की समस्या के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन के तरीके को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।