

Nashik Municipal Election Hindi News: आगामी नासिक मनपा चुनावों के मद्देनजर शहर की राजनीति में बड़ी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के एक साथ चुनाव लड़ने की संभावना प्रबल हो गई है।
इस गठबंधन को लेकर बीती आधी रात तक महत्वपूर्ण चर्चाओं का दौर जारी रहा। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और मंत्री दादा भुसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के नेता और मंत्री नरहरी झिरवाल, तथा पूर्व सांसद समीर भुजबल के बीच गठबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के इस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। नासिक मनपा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने में अब केवल दो दिन शेष बचे हैं।
समय की कमी के चलते सभी राजनीतिक दलों में आपाधापी मची हुई है और अंतिम क्षणों में समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर भाजपा ने '100 प्लस' सीटों का नारा दिया है और वह अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के खिलाफ महाविकास अघाड़ी के साथ-साथ शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच बहुपक्षीय मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं।
आगामी सिंहस्थ कुंभमेले को देखते हुए नाशिक मनपा अब केवल एक स्थानीय निकाय चुनाव न रहकर राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
कुंभमेले की तैयारियों के लिए हजारों करोड़ रुपये की निधि का नियोजन किया जाना है, ऐसे में निगम की सत्ता की चाबी किसके हाथ होगी, इसका बड़ा राजनीतिक महत्व है।
वर्तमान राजनीतिक हलचलों को देखते हुए नासिक में भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना, दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस, ठाकरे बंधुओं की शिवसेना-मनसे गठबंधन और कांग्रेस के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला होने के आसार है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि समीकरण सुधरे तो बीजेपी, शिवसेना को साथ ले सकती है, जबकि ठाकरे गुट कांग्रेस के साथ मैदान में उतर सकता है।
वहीं, अजित पवार की राष्ट्रवादी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ आने की पूरी संभावना है। हालांकि, कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए नासिक मनपा चुनाव इस बार राज्य का सबसे चर्चित मुकाबला साबित होने वाला है।