मतदान से पहले नासिक में सनसनी: शिंदे गुट उम्मीदवार पर अपहरण-मारपीट का आरोप; पुलिस व्यवस्था घेरे में
Election Violence: नासिक मनपा चुनाव से पहले पंचवटी में अपहरण और मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। शिंदे गुट के उम्मीदवार कमलेश बोडके समेत 8 लोगों पर निर्माण व्यवसायी को पीटने का आरोप लगा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के मतदान से ठीक पहले पंचवटी इलाके में अपहरण और मारपीट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार कमलेश बोडके और उनके 7 अन्य साधियों पर एक निर्माण व्यवसायी का अपहरण कर उसे बुरी तरह पीटने का आरोप लगा है।
इस घटना के बाद पंचवटी परिसर में भारी तनाव व्याप्त हो गया है और पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण व्यवसायी मनोज भगीरथ मुंडावरे की शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार दोपहर 3 से 4 बजे के बीच हुई।
मुंडावरे का आरोप है कि आरोपी कमलेश बोडके, नितिन शेलके, नीलेश घुगे और मयूर बोडके ने उन्हें घेर लिया और कहा, ऋतुम मेरे खिलाफ प्रचार करते हो? अब तुम्हें 6 महीने बाहर नहीं घूमने दूंगा।
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आरोपियों ने मुंडावरे को उनके घर से खींचकर एक कार में बैठाया और अज्ञात स्थान पर ले गए। कार में और अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उनके सिर और हाथों पर घातक हथियारों या कठोर वस्तुओं से वार किए गए। मारपीट के बाद आरोपियों ने मुंडावरे को गाली-गलौज करते हुए शिंदे नगर के पास कार से नीचे उतार दिया और फरार हो गए।
पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप
मतदान के ऐन वक्त पर हुई इस कार्यवाही ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रहा है। निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे के समर्थकों और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन से सवाल पूछने वालों पर हुई कार्यवाही के बाद अब कमलेश बोडके पर मामला दर्ज होने से पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है, विरोधियों का दावा है कि तडीपारी जैसी सख्त कार्रवाइयों में केवल विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
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चुनाव से ठीक पहले एक उम्मीदवार पर गंभीर मामला दर्ज होने से इलाके में समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचवटी पुलिस ने संवेदनशील ठिकानों पर पुलिस बल बढ़ा दिया है।
