नासिक मनपा चुनाव: 122 सीटों के नामांकन की जांच शांतिपूर्ण संपन्न, खेमों में खुशी
Nomination Scrutiny: नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के लिए नामांकन पत्रों की जांच शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई। अधिकांश दिग्गज उम्मीदवार सुरक्षित रहे, जबकि कुछ नामांकन तकनीकी कारणों से अवैध ठहरे।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के लिए बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की गई। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अधिकांश दिग्गज उम्मीदवार सुरक्षित रहे, जिससे उनके खेमों में खुशी की लहर है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर तकनीकी त्रुटियों और अलग-अलग कारणों से इच्छुक उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अवैध घोषित किए गए। सुबह 11 बजे से शहर के 10 केंद्रों पर शुरू हुई यह जांच प्रक्रिया दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
मंगलवार को नामांकन के अंतिम दिन जहां हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला था, वहीं बुधवार को जांच प्रक्रिया के दौरान माहौल काफी सौहार्दपूर्ण रहा।
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अगला पड़ाव : नाम वापसी और चुनाव चिन्ह
नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब असली चुनौती बागियों और निर्दलीयों को मनाने की होगी। उम्मीदवारों के पास 2 जनवरी तक अपना नामांकन वापस लेने का समय है।
राजनीतिक दल अब अपने बागियों को बैठाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। 3 जनवरी को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद शहर में औपचारिक प्रचार का शोर शुरू हो जाएगा।
इन कारणों से अवैध घोषित हुए आवेदन
विभिन्न दलों के उम्मीदवार और उनके प्रतिनिधि नामांकन केंद्रों पर एक-दूसरे से मिलते और बातचीत करते नजर आए, कई प्रभागों में तो आमने-सामने के प्रतिद्वंद्वी भी तनाव मुक्त होकर चर्चा करते दिखे।
जांच प्रक्रिया प्रभाग-वार की गई। अ, ब, क, ड जैसी सीटों की अलग-अलग जांच होने से कहीं भी अव्यवस्था नहीं हुई, एक प्रभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दूसरे प्रभाग के उम्मीदवारों को बुलाया गया।
जांच के दौरान कुछ उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी। आवेदन निरस्त होने के मुख्य कारण इस प्रकार रहे। कई उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के महत्वपूर्ण कॉलम खाली छोड़ दिए थे।
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मुकेश शहाणे का एबी फॉर्म अवैध घोषित किया गया है, जबकि दीपक बडगुजर का एबी फॉर्म वैध माना गया है। इसके चलते यह चुनाव दीपक बडगुजर भाजपा के कमल चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे, वहीं मुकेश शहाणे अपक्ष (निर्दलीय) उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उत्तरेंगे।
