

नासिक के प्रमुख यातायात जंक्शनों में सुधार के लिए तकनीकी सलाहकार संस्था नियुक्त होगी।
अगले 10 वर्षों में वाहनों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा।
भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार जंक्शनों का नियोजन होगा।
स्मार्ट सिग्नल, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और सुरक्षित क्रॉसिंग पर जोर।
सुधार कार्य पूरा होने के तीन महीने बाद यातायात का दोबारा आकलन होगा।
Nashik Municipal Corporation Smart Traffic Signals: नासिक महानगरपालिका ने शहर के प्रमुख यातायात जंक्शनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की पहल की है। इसके लिए तकनीकी सलाहकार संस्था नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। योजना में यातायात सर्वेक्षण, अगले 10 वर्षों के वाहनों की संख्या का आकलन, स्मार्ट सिग्नल, फुटपाथ और सुरक्षित क्रॉसिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
नासिक शहर में बढ़ते यातायात जाम, सड़क दुर्घटनाओं और सफर में लगने वाले समय को कम करने के लिए नासिक महानगरपालिका ने पहल की है। शहर के प्रमुख यातायात जंक्शनों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए तकनीकी सलाहकार संस्था नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सलाहकार संस्था की मदद से जंक्शनों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन कर सुधार योजना तैयार की जाएगी। इसके बाद विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
प्रस्तावित योजना के तहत तकनीकी सलाहकार संस्था प्रत्येक प्रमुख जंक्शन का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगी। यातायात सर्वेक्षण, उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण और अगले 10 वर्षों में वाहनों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा परीक्षण और कंप्यूटर आधारित यातायात अनुकरण किया जाएगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने पर किस जंक्शन पर किस तरह के बदलाव जरूरी होंगे। जंक्शनों का नियोजन भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार किया जाएगा।
योजना में वाहनों की संख्या, उनके प्रकार और सड़क की क्षमता के अनुसार जंक्शनों की संरचना तय करने पर जोर रहेगा। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए डिवाइडर, ट्रैफिक आइलैंड और वाहनों को निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाने वाली व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं।
बाएं मुड़ने वाले वाहनों की आवाजाही आसान बनाने और उपयुक्त स्थानों पर सिग्नल-मुक्त यातायात की संभावना का भी अध्ययन होगा। यातायात के दबाव के अनुसार सिग्नल का समय बदलने वाली अनुकूलित सिग्नल प्रणाली अपनाने पर विचार किया जाएगा।
जंक्शन सुधार योजना में फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, सड़क पार करने के सुरक्षित स्थान, बस स्टॉप, स्ट्रीट लाइट और वर्षा जल निकासी जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। सड़क के बीच सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल और वाहन चालकों को स्पष्ट दृश्यता देने वाली संरचना विकसित करने पर जोर रहेगा।
सार्वजनिक परिवहन, साइकिल ट्रैक और फुटपाथ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी योजना है, ताकि सड़क का उपयोग करने वाले सभी लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
जंक्शन की अंतिम योजना निर्धारित करने से पहले जरूरत के अनुसार बैरिकेड और अस्थायी सड़क चिह्नों की मदद से मौके पर परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यातायात पुलिस और महानगरपालिका के अधिकारियों के साथ समन्वय रखा जाएगा।
सुधार कार्य पूरा होने के तीन महीने बाद यातायात का दोबारा आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे किए गए बदलावों के प्रभाव का मूल्यांकन करने और जरूरत पड़ने पर आगे सुधार करने में मदद मिलेगी।