

छत्रपति संभाजीनगर में पानी की बर्बादी पर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक जुर्माने की तैयारी।
बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी।
पाइपलाइन रिसाव और अवैध नल कनेक्शनों की जांच के लिए विशेष अभियान।
टैंकरों के पंजीकरण क्रमांक और बीमा दस्तावेजों की भी होगी जांच।
जल बेल पर फोटो और सटीक लोकेशन के साथ शिकायत कर सकेंगे नागरिक।
Chhatrapati Sambhajinagar Water Wastage Fine llegal Tap Connections: छत्रपति संभाजीनगर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चेतावनी के बाद भी पानी बर्बाद करने पर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। नागरिक जल बेल के जरिए फोटो और सटीक लोकेशन के साथ शिकायत कर सकेंगे।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में पानी की कमी के बीच अब एक-एक बूंद बचाने के लिए महानगरपालिका प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। घरों के बाहर पानी बहाने, पाइपलाइन में रिसाव और अवैध नल कनेक्शनों के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने अधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर विशेष अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के अनुसार, पानी की बर्बादी करते पाए जाने पर पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही जारी रहने पर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी है।
सिडको क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पानी की बर्बादी सामने आने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि पानी का विवेकपूर्ण उपयोग नहीं हुआ, तो फिलहाल तीन दिन के अंतराल पर होने वाली जलापूर्ति को सात दिन के अंतराल पर करना पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने नागरिकों से पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करने और किसी भी तरह की बर्बादी की सूचना देने की अपील की है।
विशेष अभियान के दौरान अनधिकृत नल कनेक्शनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। टैंकरों में पानी भरते समय होने वाली बर्बादी रोकने के साथ उनके पंजीकरण क्रमांक और बीमा दस्तावेजों की भी जांच होगी।
आयुक्त ने लाइनमैन और उपअभियंताओं को रोज सुबह अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। पाइपलाइन में रिसाव या वाल्व टूटने की स्थिति में तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है। शिकायत मिलने के बाद समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए नागरिकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। यदि कहीं पाइपलाइन से पानी बहता दिखाई दे, वाल्व में रिसाव हो या सार्वजनिक स्थान पर पानी व्यर्थ बहाया जा रहा हो, तो नागरिक जल बेल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत के साथ संबंधित स्थान का छायाचित्र और सटीक लोकेशन देना जरूरी होगा, ताकि अधिकारी मौके की पहचान कर समय पर कार्रवाई कर सकें।
21 अक्टूबर को भारतरत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद अनुसंधान केंद्र में हुई बैठक में आयुक्त ने जलापूर्ति विभाग के अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पानी बचाने की जिम्मेदारी केवल नागरिकों की नहीं, बल्कि मनपा प्रशासन की भी है। पाइपलाइन से लगातार पानी बहने या शिकायतों पर कार्रवाई में देरी होने पर संबंधित व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाएगी।