लोकल इन्फ्लुएंसर्स से पीछे नासिक मनपा: सोशल मीडिया पर लाखों का खर्च, आबादी 19 लाख;फिर भी फॉलोअर्स महज 1.54 लाख

Nashik NMC Digital Reach:नासिक महानगरपालिका के सोशल मीडिया फॉलोअर्स करीब 1.54 लाख होने का दावा है। लाखों रुपये खर्च के बावजूद और शिकायतों का समाधान नागरिकों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचने पर सवाल उठे।
Nashik NMC Social Media Followers Weak Digital Reach
नासिक NMC सोशल मीडिया फॉलोअर्ससोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • 19 लाख से अधिक आबादी वाले नाशिक में मनपा के सोशल मीडिया फॉलोअर्स करीब 1.54 लाख बताए जा रहे हैं।

  • डिजिटल टीम और बाहरी एजेंसियों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च होने का दावा।

  • स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स की डिजिटल पहुंच भी मनपा के बराबर या उससे अधिक बताई जा रही है।

  • सरकारी सूचनाओं और लंबे टेक्स्ट पोस्ट के कारण नागरिकों की भागीदारी सीमित रहने का आरोप।

  • सोशल मीडिया पर शिकायतों के जवाब और समाधान को लेकर भी नागरिकों ने सवाल उठाए।

Nashik NMC Social Media Followers Weak Digital Reach:स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली नासिक महानगरपालिका की डिजिटल पहुंच पर सवाल उठ रहे हैं। 19 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में मनपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करीब 1.54 लाख फॉलोअर्स होने का दावा है। लाखों रुपये खर्च के बावजूद नागरिकों तक जरूरी सूचनाएं प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचने और शिकायतों के समाधान में देरी की बात सामने आई है।

मनपा के लाखों खर्च, फिर भी डिजिटल पहुंच कमजोर

नासिक शहर सोशल मीडिया के दौर में सरकारी विभाग डिजिटल माध्यमों से नागरिकों तक तेजी से पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली नासिक महानगरपालिका की ऑनलाइन मौजूदगी सवालों के घेरे में है। शहर की आबादी 19 लाख से अधिक होने के बावजूद मनपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की संख्या करीब 1.54 लाख बताई जा रही है। डिजिटल टीम और बाहरी एजेंसियों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद नागरिकों तक योजनाओं और जरूरी सूचनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में कमी के आरोप लग रहे हैं।

19 लाख की आबादी, फॉलोअर्स महज 1.54 लाख

वर्ष 2011 में नासिक की आबादी करीब 15 लाख थी, जो अब बढ़कर 19 लाख से अधिक हो गई है। इसके मुकाबले मनपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुल फॉलोअर्स की संख्या लगभग 1.54 लाख बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि मनपा की डिजिटल पहुंच शहर की कुल आबादी के 10 प्रतिशत तक भी नहीं है।

दूसरी ओर, स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के पेजों पर भी डेढ़ लाख से अधिक फॉलोअर्स होने की बात कही जा रही है। ऐसे में नागरिक कई बार स्थानीय जानकारी के लिए निजी सोशल मीडिया पेजों पर निर्भर रहते हैं।

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सरकारी पोस्ट तक सीमित डिजिटल संवाद

अन्य महानगरपालिकाएं आकर्षक रील्स, ट्रेंडिंग कंटेंट और रचनात्मक अभियानों के जरिए नागरिकों से संवाद कर रही हैं। इसके विपरीत नासिक मनपा के सोशल मीडिया पेजों पर पारंपरिक सरकारी सूचनाओं, परिपत्रों और लंबे टेक्स्ट पोस्ट का अधिक इस्तेमाल होने की शिकायत है।

आपातकालीन सूचनाएं, ट्रैफिक अपडेट, विकास कार्य, गड्ढों की जानकारी और पानी कटौती जैसे मुद्दों पर समय पर जानकारी नहीं मिलने से नागरिकों को परेशानी होती है। नागरिकों का कहना है कि मनपा को युवा पीढ़ी से लेकर बुजुर्गों तक सभी की समझ में आने वाली सरल भाषा और आकर्षक माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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पोस्ट पर लाइक्स और कमेंट्स भी कम

मनपा के सोशल मीडिया पेजों पर सरकारी परिपत्र, टेंडर संबंधी सूचनाएं और लंबे टेक्स्ट पोस्ट साझा किए जाते हैं। नागरिकों का आरोप है कि रचनात्मकता और सरल भाषा की कमी के कारण कई पोस्ट पर लाइक्स और कमेंट्स की संख्या 100 तक भी नहीं पहुंचती। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की भागीदारी सीमित नजर आती है।

शिकायतों के समाधान पर भी सवाल

सोशल मीडिया पर नागरिकों की ओर से पूछे गए सवालों और दर्ज शिकायतों का समाधान नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। आरोप है कि कई मामलों में उचित कार्रवाई या जवाब दिए बिना ही शिकायतों को बंद दिखा दिया जाता है। इससे मनपा के डिजिटल माध्यमों पर नागरिकों का भरोसा प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

नासिक निवासी शुभम धात्रक के अनुसार, आज छोटी-बड़ी हर जानकारी सोशल मीडिया पर उपलब्ध होती है, लेकिन मनपा के पेजों पर कठिन सरकारी आदेश ही अधिक दिखाई देते हैं। गड्ढों और पानी कटौती जैसी जरूरी जानकारियां समय पर नहीं मिलतीं। उनका कहना है कि मनपा को सरल भाषा में सूचनाएं साझा करनी चाहिए, ताकि हर आयु वर्ग के नागरिक उन्हें आसानी से समझ सके।