नासिक में BJP की बंपर जीत, 72 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत; शिवसेना (शिंदे) का महापौर सपना टूटा

BJP Wins Nashik: नासिक मनपा चुनाव में भाजपा ने 72 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। ‘100 प्लस’ का नारा भले पूरा न हो, लेकिन भाजपा ने एकतरफा सत्ता पर कब्जा जमाया।
BJP scores a massive victory in Nashik, securing a clear majority with 72 seats; Shiv Sena (Shinde faction)'s mayoral dream shattered.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Nashik Municipal Election 2026: नासिक महानगरपालिका चुनाव में '100 प्लस' का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 72 सीटें जीतकर एक बार फिर मनपा पर एकतरफा कब्जा जमा लिया है।

बहुमत के लिए जरूरी 62 सीटों के आंकड़े को भाजपा ने बड़ी आसानी से पार कर लिया है। इस शानदार जीत के साथ ही अब नासिक में भाजपा को सत्ता चलाने के लिए किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है।

दूसरी ओर, भाजपा को सीधी चुनौती देने वाली और महापौर पद का दावा करने वाली मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना महज 26 सीटों पर सिमट गई है।

नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा ने अपनी जमीन और मजबूत की है। भाजपा ने 2017 की तुलना में 6 सीटें अधिक जीतकर अपनी संख्या 72 तक पहुंचा दी है।

BJP का वर्चस्व, सेना का बिगड़ा गणित

इस बार 57 प्रतिशत मतदान हुआ (जो पिछली बार से 5% कम था)। जानकारों का मानना है कि कम मतदान का सीधा फायदा भाजपा को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जनसभाओं और मंत्री गिरीश महाजन की जमीनी घेराबंदी ने टिकट वितरण की नाराजगी के बावजूद कार्यकर्ताओं को जीत के लक्ष्य से जोड़े रखा।

शिंदे सेना के सामने खड़ा हुआ 'धर्मसंकट'

भाजपा के खिलाफ आक्रामक चुनाव लड़ने वाली शिंदे सेना अब एक बड़ी दुविधा में है। 26 सीटें जीतकर वह दूसरे नंबर की पार्टी तो बन गई है, लेकिन भाजपा को बहुमत मिलने से उसकी किंगमेकर' बनने की योजना फेल हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या वह सत्ता में भाजपा के साथ जूनियर पार्टनर के रूप में शामिल होगी या विपक्ष में बैठकर 'आक्रामक' भूमिका निभाएगी? पूर्व सांसद हेमंत गोडसे का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

राजनीतिक दल जीती गई सीटें स्थिति
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 72 पूर्ण बहुमत
शिवसेना (शिंदे गुट) 26 मुख्य विपक्षी दावेदार
शिवसेना (ठाकरे गुट) 15 स्वतंत्र उपस्थिति
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) 04 करारी हार
अन्य / निर्दलीय 05 प्रभावहीन

भुसे-गोडसे की मेहनत पर पानी

भाजपा को सबक सिखाने के लिए मंत्री दादा भुसे और हेमंत गोडसे ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कई रैलियां की, लेकिन शिवसेना 40-50 सीटों के अपने लक्ष्य से काफी दूर रह गई। ठाकरे गुट ने भी 15 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जिससे शिवसेना के वोटों का चंटवारा भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हुआ।

क्या होगा अगला कदम ?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि शिंदे सेना विपक्ष में बैठती है, तो उसे ठाकरे गुट के साथ मिलकर संघर्ष करना होगा, जो उनके लिए वैचारिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, वहीं सत्ता में शामिल होने पर उन्हें भाजपा की शर्तों पर काम करना पड़ेगा। भाजपा ने अकेले दम पर शिंदे और अजित पवार के गठबंधन को पस्त कर अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया है।

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