नासिक में तबेला धारकों की मनमानी पर रोक, नालों में गोबर बहाया तो खैर नहीं, महापौर ने दिए सख्त निर्देश

Nashik Municipal Corporation: नासिक के वडालागांव में अस्तबलों से फैल रही गंदगी पर महापौर आडके ने कड़ा रुख अपनाया। नियमों का उल्लंघन करने वाले तबेला धारकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Curbs Imposed on Arbitrary Practices by Stable Owners in Nashik; No Leniency for Those Disposing of Dung in Drains Mayor Issues Strict Directives
तबेले की फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Municipal Corporation News: नासिक के वडालागांव और आसपास के रिहाइशी क्षेत्रों में स्थित तबेले अब स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट बन चुके हैं। इन अस्तबलों से निकलने वाला जानवरों का मलमूत्र और गोबर सीधे सार्वजनिक नालों में बहाया जा रहा है, जिससे न केवल जल स्रोत दूषित हो रहे हैं, बल्कि पूरे इलाके में फैली असहनीय दुर्गंध ने नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है।

नासिक नगर निगम की हालिया महासभा में यह मुद्दा उस समय गरमाया जब पार्षद संध्या कुलकर्णी ने प्रभाग क्रमांक 13 की दयनीय स्थिति को सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि वडालागांव के करीब 30 से 32 अस्तबल धारक प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा प्राकृतिक नालों में छोड़ रहे हैं, जिसके कारण अब नागरिकों को अपने घर छोड़कर पलायन करने तक की नौबत आ गई है।

अब तक प्रशासन रहा विफल

इस गंभीर समस्या पर प्रशासन की पिछली विफलताओं को लेकर भी सदन में तीखी चर्चा हुई। पूर्व महापौर सतीश कुलकर्णी ने याद दिलाया कि तत्कालीन आयुक्त प्रवीण गेडाम ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया था और उस समय कुछ मालिकों ने रीसाइक्लिंग मशीन लगाने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि, प्रशासन की सुस्ती के चलते अब तक कोई ठोस नीति लागू नहीं हो पाई है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है कि या तो इन अस्तबलों को तत्काल शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाए या फिर उन्हें वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन के लिए कड़े नियमों के दायरे में लाया जाए।

रीसाइक्लिंग मशीन लगाना अनिवार्य

मामले की संवेदनशीलता और नासिक के नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए महापौर हिमगौरी आडके ने प्रशासन को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। महापौर ने स्पष्ट किया कि अब शहर के सभी अस्तबल धारकों के लिए रीसाइक्लिंग मशीन लगाना अनिवार्य होगा, ताकि मलमूत्र का निपटारा नियमानुसार किया जा सके। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और नालों में गंदगी बहाकर प्रदूषण फैलाने वाले तबेला धारकों के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। महापौर के इस कड़े रुख के बाद अब यह उम्मीद जगी है कि वडालागांव के नागरिकों को जल्द ही इस दुर्गंध और गंदगी से मुक्ति मिल सकेगी।

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