नासिक म्हाडा जमीन घोटाले में नया मोड़: संदिग्ध नाम हटाने की मांग ठुकराई, पुलिस सख्त

Nashik MHADA Scam: नासिक म्हाडा जमीन घोटाले में पुलिस ने संदिग्धों के नाम हटाने के भूमि अभिलेख कार्यालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। गिरफ्तारी के डर से कई बिल्डरों ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी है।
Nashik Police rejected the Land Records Office's plea to remove suspects' names in the MHADA scam. Fearing arrest, several prominent builders have filed for anticipatory bail.
Nashik MHADA (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Nashik Land Records Office: नासिक में म्हाडा जमीन धोखाधड़ी मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में संदिग्ध आरोपियों के नाम हटाने की भूमि अभिलेख कार्यालय की मांग को पुलिस ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जांच में सामने आए नामों और संबंधित दस्तावेजों के गहन सत्यापन के बिना कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा।

पुलिस की इस सख्त भूमिका से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। भूमि अभिलेख की मांग पर पुलिस को संदेह इस मामले की विस्तृत जांच पहले ही पूरी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी रूप से किसी नाम का गलत शामिल होना संभव है, लेकिन भूमि अभिलेख कार्यालय द्वारा बार-बार कुछ विशिष्ट नामों को हटाने की मांग करना अब जांच के दृष्टिकोण से 'संदिग्ध' लगने लगा है। पुलिस को इसके पीछे किसी बड़े रैकेट की आशंका है, जिसके चलते अब हर दस्तावेज की तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है।

दी अग्रिम जमानत की अर्जी

नासिक पुलिस के इस सख्त रवैये ने निर्माण (कन्स्ट्रक्शन) क्षेत्र में खलबली मचा दी है। गिरफ्तारी के डर से कई बड़े बिल्डरों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार और मंगलवार के बाद बुधवार को भी जगदीश बलवंत केदार, निर्मला मधुकर वारे, सलीम इब्राहिम कोकणी, नगमा सलीम कोकणी, जगन्नाथ विठ्ठलराव सूर्यवंशी और गायत्री जगन्नाथ सूर्यवंशी ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है।

दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच जारी

इतनी बड़ी संख्या में आ रहे आवेदनों से इस घोटाले की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस के पास आए सभी नामों और उनसे संबंधित भूमि सौदों के दस्तावेजों की वर्तमान में सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। संदिग्धों के नाम हटाने के लिए भूमि अभिलेख कार्यालय द्वारा दिए गए प्रस्ताव को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। अब सभी की नजरें अग्रिम जमानत याचिकाओं पर होने वाली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं।

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