महात्मा फुले मार्केट की 5 करोड़ की निविदा रद्द, नासिक में नगरसेवकों को विश्वास में न लेने को लेकर नाराजगी

Nashik Tender Controversy: पुराना नासिक के महात्मा फुले मार्केट स्थित मीट-फिश मार्केट की 5 करोड़ की निविदा रद्द करने पर विवाद बढ़ गया है। नगरसेवकों ने महापौर-आयुक्त को ज्ञापन दिया।
nashik meat fish market 5 crore tender cancelled protest
नासिक मीट फिश मार्केट(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Meat Fish Market: पुराना नासिक क्षेत्र के महात्मा फुले मार्केट परीसर के मीट एवं फिश मार्केट के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्तावित करीब 5 करोड़ रुपए की ई-निविदा रद्द करने के निर्णय को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महापौर हिमगौरी आडके-आहेर द्वारा निविदा रद्द करने की घोषणा के बाद प्रभाग क्रमांक 14 के स्थानीय नगरसेवकों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए महापौर एवं मनपा आयुक्त को लिखित ज्ञापन सौंपा है।

स्थानीय नगरसेवकों, व्यापारियों और नागरिकों को विश्वास में लिए बिना अंतिम निर्णय न लेने की मांग की गई है। कांग्रेस गुटनेता एवं नगरसेवक सूफी जीन, नगरसेविका सामिया सुमैर खान तथा नगरसेविका नाजिया जाकीर अत्तार ने निविदा रद्द करने के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि बाजार के संबंध में कोई भी निर्णय स्थानीय परिस्थितियों और व्यापारियों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।

जर्जर बाजार के आधुनिकीकरण की जरूरत

महात्मा फुले मार्केट परिसर स्थित पुराने मीट एवं फिश मार्केट में विभिन्न धर्मों एवं समुदायों के व्यापारी वर्षों से कारोबार कर रहे हैं। व्यापारियों के परिवारों की आजीविका इसी व्यवसाय पर निर्भर होने की बात नगरसेवकों ने कही है। वर्तमान में बाजार की इमारत पुरानी और जर्जर स्थिति में है। अस्वच्छता, दुर्गंध, टूटी दीवारों तथा ग्राहकों की संख्या में कमी के कारण व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बाजार परिसर की अस्वच्छता का असर समीप स्थित मौलाना आजाद मनपा स्कूल, प्रतियोगी परीक्षा अध्ययनिका तथा भद्रकाली पुलिस थाने के अधिकारी-कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में बाजार का आधुनिकीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विकास व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी आवश्यक बताया गया है।

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काम रद्द करना समाधान नहीं

नगरसेवक सूफी जीन ने कहा कि बाजार की समस्या का समाधान विकास कार्य रोकना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्मीय व्यापारियों की रोजी-रोटी के मुद्दे को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। स्थानीय नगरसेवकों को विश्वास में लेकर ही बाजार के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाना चाहिए।

आगामी सिंहस्थ कुंभ की पृष्ठभूमि में पुराने नासिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। ऐसे में विकास कार्यों को रोकने के बजाय स्थानीय नगरसेवकों, व्यापारियों और नागरिकों से चर्चा कर बाजार के आधुनिकीकरण के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए, ऐसी मांग सूफी जीन, सामिया सुमैर खान और नाजिया जाकीर अत्तार ने की है।

प्रतिक्रिया

नगरसेवक एवं कांग्रेस गुटनेता सूफी जीन ने कहा कि काम रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है; समस्या दूर करने के लिए काम करना जरूरी है। सर्वधर्मीय व्यापारियों की रोजी-रोटी के सवाल को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। स्थानीय नगरसेवकों को विश्वास में लिए बिना निर्णय लेना उचित नहीं है। सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर विकास कार्यों को गति देने की जरूरत है, रोकने की नहीं।

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