स्मार्ट मीटर से कम हुआ बिजली बिल! नासिक के 4.60 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिली 1.12 करोड़ की भारी राहत
TOD Scheme Benefit: नासिक में महावितरण के स्मार्ट TOD मीटर धारक घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में नए टैरिफ के तहत दिन के समय बिजली इस्तेमाल करने पर जून 2026 के बिल में कुल 1.12 करोड़ की छूट मिली।
- Written By: गोरक्ष पोफली
स्मार्ट मीटर की फोटो (सोर्स: नवभारत फोटो)
Nashik Mahavitaran Smart TOD Meter Electricity Bill Discount: नासिक में घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान के साथ ही टाइम ऑफ डे योजना का लाभ लेने वाले घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। महावितरण के टीओडी स्मार्ट मीटर धारक घरेलू उपभोक्ताओं को नए टैरिफ के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच उपयोग की जाने वाली बिजली पर विशेष छूट दी जा रही है। नासिक परिमंडल में इस योजना को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है। यहां कुल 4 लाख 60 हजार स्मार्ट टीओडी मीटर धारक घरेलू उपभोक्ताओं को जून 2026 के बिजली बिल में कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये की रियायत मिली है।
स्मार्ट टीओडी मीटर के प्रमुख लाभ
- पारदर्शिता और नियंत्रण: स्मार्ट मीटर पूरी तरह से ऑटोमैटिक हैं, जिससे रीडिंग के लिए मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं रहती और गलतियों की संभावना खत्म हो जाती है। टाइम ऑफ डे बिलिंग की मदद से उपभोक्ता समय के अनुसार अपने बिजली उपयोग की योजना बना सकते हैं और खर्च पर नियंत्रण रख सकते हैं।
- त्रुटिहीन और सटीक मापन: बिजली की यूनिट मापने की पद्धति पुराने और स्मार्ट दोनों मीटरों में समान है। दोनों इलेक्ट्रॉनिक मीटर होने के कारण मापन में कोई अंतर नहीं आता है। स्मार्ट मीटर अधिक विश्वसनीय और सटीक हैं, जिससे अत्यधिक बिल आने की शिकायतें कम हुई हैं।
- सुरक्षा नोटिफिकेशन: यदि उपभोक्ताओं के घरों में लीकेज करंट या अर्थिंग जैसी कोई तकनीकी समस्या होती है, तो स्मार्ट मीटर तुरंत इसका नोटिफिकेशन भेजता है, जिससे संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को समय रहते टाला जा सकता है।
- पूर्णतः निशुल्क: महावितरण द्वारा ये स्मार्ट टीओडी मीटर उपभोक्ताओं के यहां पूरी तरह से मुफ्त लगाए जा रहे हैं। साथ ही, यह सौर ऊर्जा के मापन में भी सक्षम है, जिससे ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के लिए यह मीटर अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है।
गुणवत्ता और मानक
स्मार्ट मीटरों की जांच क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया के अंतर्गत एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला में की जाती है। इन मीटरों पर बीआईएस द्वारा IS15959 Part 2 मुद्रित किया गया है, जहां पार्ट 2 का अर्थ यह पोस्टपेड श्रेणी का मीटर है। प्रयोगशाला के कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें सरकारी उपयोग की मंजूरी मिलती है, जिससे इनके सदोष होने की संभावना नगण्य होती है।
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यूनिट गणना का गणित
उपभोक्ता अपने मीटर पर बारीक अक्षरों में लिखे imp/kWh (इम्पल्स प्रति किलो-वाट घंटा) से यूनिट समझ सकते हैं
- 3200 imp/kWh: यदि मीटर पर 3200 लिखा है, तो लाल लाइट के 3200 बार ब्लिंक होने पर 1 यूनिट दर्ज होती है।
- 1600 imp/kWh: इसमें लाइट के 1600 बार ब्लिंक होने पर 1 यूनिट की गणना पूरी होती है।
राज्य में सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से सस्ती बिजली उपलब्ध होने के कारण महावितरण ने महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग के आदेशानुसार दिन के समय यह छूट लागू की है। नासिक परिमंडल के मुख्य अभियंता सुंदर लटपटे ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक बिजली की खपत वाले उपकरणों का उपयोग सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच कर इस टीओडी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
