

Nashik Maharashtra No UPI Campaign MDR Charges: नासिक के सातपुर क्षेत्र में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के आर्थिक भार के विरोध में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर ने राज्यभर में एक दिवसीय नो यूपीआई-नो पेमेंट अभियान चलाने का फैसला किया है। व्यापारी एक दिन केवल कैश भुगतान स्वीकार करने की अपील करेंगे।
नासिक के सातपुर क्षेत्र में यूपीआई लेनदेन से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के आर्थिक भार को लेकर महाराष्ट्र के व्यापारी संगठनों ने आवाज उठाई है। महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर की ओर से राज्यभर में एक दिवसीय नो यूपीआई-नो पेमेंट अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
चैंबर के अनुसार, इस अभियान के तहत व्यापारी एक दिन यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करने तथा केवल नकद भुगतान लेने का संदेश देंगे। व्यापारियों का कहना है कि उनकी मांग डिजिटल भुगतान व्यवस्था को खत्म करने की नहीं, बल्कि यूपीआई लेनदेन से जुड़े अतिरिक्त वित्तीय भार को व्यापारियों पर नहीं डालने की है।
चैंबर ने स्पष्ट किया है कि व्यापारी यूपीआई या डिजिटल भुगतान व्यवस्था के विरोध में नहीं हैं। डिजिटल भुगतान आज व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हालांकि, MDR को लेकर व्यापारियों की अपनी चिंताएं हैं और वे इस वित्तीय भार के समाधान की मांग कर रहे हैं।
महाराष्ट्र चैंबर के अध्यक्ष रवींद्र मानगावे की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के विभिन्न व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई।
अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जाएगा। चैंबर ने व्यापारियों से अपने WhatsApp DP, Facebook और Instagram Story तथा Status पर नो यूपीआई-नो पेमेंट, जीरो MDR’ का संदेश लगाने की अपील की है।
चैंबर का कहना है कि अभियान का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को रोकना नहीं, बल्कि MDR से जुड़े मुद्दे की ओर सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करना है। व्यापारियों की मांग है कि डिजिटल लेनदेन से जुड़े वित्तीय भार को लेकर ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत न पड़े।
मुंबई शहर में हुई बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष करुणाकर शेट्टी, पूर्वी अध्यक्ष संतोष मंडलेचा, उपाध्यक्ष संजया शेटे, उपाध्यक्ष संतोष राणे, राज्य मुख्य समन्वयक वेदांशु पाटिल और ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल सहित विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारी संगठनों की इस पहल से MDR को लेकर उनकी मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब अभियान के जरिए सरकार और संबंधित संस्थाओं तक व्यापारियों की मांग पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।