

Nashik Autos LPG Shortage: बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार की अपील पर एलपीजी चालित रिक्शा खरीदने वाले सैकड़ों चालकों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से शहर में गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण रिक्शा चालकों पर भुखमरी की नौबत आ गई है। शहर के अधिकांश एलपीजी पंप बंद हैं और कई जगहों पर गुरुवार तक गैस उपलब्ध न होने की सूचना दी जा रही है।
एलपीजी रिक्शा में आमतौर पर 18 से 20 लीटर गैस भंडारण की क्षमता होती है, जबकि पेट्रोल टैंक की क्षमता मात्र 2 से 3 लीटर तक ही सीमित है। एलपीजी उपलब्ध न होने की स्थिति में पेट्रोल पर रिक्शा चलाना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है, जिससे चालकों का धंधा पूरी तरह बंद हो गया है।
पेट्रोल भराने के लिए पंत्री पर समय और पैसा दोनों बर्बाद ही रहे हैं, जबकि कई प्रमुख पंपों पर "एलपीजी उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड लगा दिए गए है।
ईंधन की कीमतों ने चालकों की कमर तोड़ दी है- एलपीजी की दरें 50-55 रुपये से बढ़कर सीचे 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
चालकों का कहना है कि भारी कीमतों के बावजूद गैस उपलब्ध नहीं है, ऐसे में वे अपने वाहन के कर्ज की किस्तें कैसे चुकाएं और परिवार का मुजारा कैसे करें।
हालांकि खाड़ी देशों में युद्ध को आपूर्ति में बाधा बताया जा रहा है, लेकिन रिक्शा चालकों का आरोप है कि यह स्थानीय स्तर पर खराब नियोजन का परिणाम है।
आरोप है कि 'गो गैस कंपनी ने कीमते 100 रुपये तक पहुंचा दी है। कुछ चालकों द्वारा विरोध किए जाने के बाद कई पंप संचालकों ने गुरुवार तका पंप बंद रखने का निर्णय लिया है।
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल नासिका से ही है। इसलिए रिक्शा चालकों को उनसे बड़ी उम्मीदें है। मांग की जा रही है कि वे जिला कलेक्टर को निर्देश देकर आपूर्ति सुचारू कराए और अनुचित मूल्यवृद्धि पर लगाम लगाकर राहत प्रदान करें।
ऑटो रिक्शा चालको पर भुखमरी की नौबत आना अत्यंत चिंताजनक है। संबंधित अधिकारियों और आपूर्ति तंत्र को तत्काल निर्देश दिए जाएंगे ताकि शहर में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके, जहां कृत्रिम किल्लत पैदा कर दाम बढ़ाए जा रहे हैं, यहां जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार रिक्शा चालकों के साथ मजबूती से खड़ी है।
- मंत्री, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, छगन भुजबल