Nashik Kumbh Mela Planning( Source: Social Media )
Nashik Kumbh Mela Planning: नासिक सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की पूर्व तैयारियों के मद्देनजर, मंगलवार को विभिन्न विभागों के एक संयुक्त दल ने गोदावरी नदी के प्रमुख घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी महापर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों का आकलन करना था।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। नासिक शहर के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह और नासिक नगर निगम की आयुक्त मनीषा खत्री मौजूद रहीं।
इनके साथ ही महाराष्ट्र राज्य बुनियादी ढांचा विकास निगम, महावितरण और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी शामिल श्री। अधिकारियों के दल ने नदी के दोनों तटों पर स्थित महत्वपूर्ण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया।
होल्कर पुल से नारोशंकर मंदिर पुल, वीर सावरकर पुल, टाकलेश्वर क्षेत्र और लक्ष्मीनारायण घाट तक के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया गया। श्रद्धालुओं के आवागमन, प्रवेश और निकास मागों तथा पैदल चल।
होल्कर पुल से नारोशंकर मंदिर पुल, वीर सावरकर पुल, टाकलेश्वर क्षेत्र और लक्ष्मीनारायण घाट तक के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया गया।
श्रद्धालुओं के आवागमन, प्रवेश और निकास मार्गों तथा पैदल चलने वालों के लिए उपलब्ध ‘होल्डिंग एरिया’ का तकनीकी अध्ययन किया गया। प्रशासन ने मौजूदा घाटों की स्थिति। आवश्यक मरम्मत, बाटों के चौड़ीकरण और संभावित बाधाओं को दूर करने पर चर्चा की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कुंभमेले के सफल आयोजन के लिए यह निरीक्षण मात्र शुरुआत है। आने वाले कुछ दिनों में त्र्यंबकेश्वर के अन्य घाटों और प्रस्तावित स्थलों का भी इसी प्रकार निरीक्षण किया जाएगा।
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सभी विभागों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर कुंभमेला 2027 के लिए एक एकीकृत विकास योजना तैयार की जाएगी, प्रशासन का मुख्य लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव प्रदान करना है, जिसके लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।