

Nashik Kumbh Trimbakeshwar Development: नासिक राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर में अगले वर्ष होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए शुरू किए गए सभी विकास कार्यों को प्रशासनिक स्तर पर 'टॉप प्रायोरिटी' (सर्वोच्च प्राथमिकता) दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, मुख्य सचिव अग्रवाल आज नासिक के 'स्मार्ट सिटी' कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभमेले से जुड़े कार्यों में तेजी लाते समय गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें, कार्यों की गति बढ़ाने के लिए उन्होंने कहा कि जिम्मेदार इंजीनियरों को प्रत्यक्ष कार्यस्थल (साइट) पर उपस्थित रहना अनिवार्य है।
उनकी निगरानी में काम होने से गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। गुणवत्ता और समन्वय पर विशेष जोर : साधु ग्राम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता देने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए प्रमुख सड़कों पर CCTV कैमरे, OFC केबल नेटवर्क और बेहतर वाहन पार्किंग प्रबंधन के निर्देश दिए गए, बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में चल रहे निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया।
रिंग रोड, द्वारका जंक्शन, नए पुल और नासिक रोड, ओढा, कसबे सुकेणे, खेरवाडी और देवलाली कैंप रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और वहां यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
गोदावरी नदी के तट पर सीवर नेटवर्क और नदी पात्र के कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने पर जऔर, इस महत्वपूर्ण बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, विशेष पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रय कराले, कुभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, नगर निगम आयुक्त मनीषा खत्री, जिला परिषद के सीईओ ओमकार पवार, पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल सहित लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन और पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, मुख्य सचिव ने अंत में सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मिशन मोड में काम करें।