नासिक के कपालेश्वर मंदिर भूमि विवाद में नया मोड़, भ्रष्टाचार के आरोप हुए खारिज
नासिक Kapaleshwar Temple Land Dispute में नया मोड़ आया है। वाडा मालिक ने बिक्री को कानूनी बताया और भ्रष्टाचार के आरोप खारिज किए, जबकि पुजारी पर जमीन हड़पने और अवैध निर्माण के आरोप लगे हैं।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
कपालेश्वर मंदिर (सोर्सः फाइल फोटो)
Nashik Kapaleshwar Temple Land Controversy: नासिक के प्रसिद्ध श्री कपालेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित दिवाकर वाडा भूमि विवाद में नया मोड़ सामने आया है। जमीन के मालिक श्रीकृष्ण वासुदेव बिवलकर ने स्पष्ट किया है कि यह संपत्ति पूरी तरह से उनकी निजी और कानूनी रूप से बिक्री योग्य थी। उन्होंने कहा कि देवस्थान ट्रस्ट द्वारा 26 अप्रैल 2024 को इस जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई थी और इसमें किसी प्रकार के भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है।
हड़पने की कोशिश का दावा
बिवलकर ने आरोप लगाया कि कपालेश्वर मंदिर के पुजारी हेमंत उर्फ पप्पू गाडे का उद्देश्य इस जमीन पर कब्जा करना था। उनके अनुसार, पुजारी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं और यह सब इसलिए किया गया क्योंकि उनकी जमीन हड़पने की कोशिश विफल हो गई। इसी विवाद के बीच पुजारी द्वारा कथित रूप से किए गए अवैध निर्माण के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है, जिसके बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है।
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प्रशासनिक कार्रवाई जारी
देवस्थान ट्रस्ट का कहना है कि इस जमीन का अधिग्रहण कपालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्त निवास और अन्य सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से किया गया है। ट्रस्ट ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं। दूसरी ओर, विवाद बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
