नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात की बढ़ी मुश्किलें, चौथे मामले में भी जेल; कल 5वें केस में होगी पेशी

Ashok Kharat Nashik: नासिक की अदालत ने यौन शोषण के चौथे मामले में स्वयंभू बाबा अशोक खरात को 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसआईटी अब पांचवें मामले में रिमांड की तैयारी में है।
Ashok Kharat Judicial Custody
अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Ashok Kharat Judicial Custody: महाराष्ट्र के नासिक में धर्म और आस्था के नाम पर महिलाओं का शोषण करने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। शनिवार को नासिक की एक विशेष अदालत ने महिला के यौन शोषण और उत्पीड़न से जुड़े चौथे मामले में सुनवाई करते हुए खरात को 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दिया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

सुरक्षा कारणों और संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी अशोक खरात को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश नहीं किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बी.एन. इचपुरानी के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही संपन्न हुई। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण सुनवाई शुरू होने में कुछ देरी हुई, लेकिन अंततः पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे नासिक रोड केंद्रीय कारागार (Central Jail) भेजने का निर्देश दिया।

क्या है ताजा मामला?

यह चौथा मामला उस पीड़िता से जुड़ा है जो अपनी पारिवारिक समस्याओं के समाधान की उम्मीद में खरात के पास आई थी। आरोप है कि बाबा ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसका यौन शोषण किया। विशेष जांच दल (SIT) इस मामले में खरात से 18 अप्रैल तक पूछताछ कर चुकी थी, जिसके बाद आज उसे कोर्ट में पेश किया गया।

कल फिर होगी कोर्ट में पेशी

अशोक खरात की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। एसआईटी रविवार को उसे एक बार फिर अदालत में पेश करेगी। इस बार पुलिस एक अन्य महिला द्वारा दर्ज कराए गए पांचवें मामले में उसकी पुलिस कस्टडी की मांग करेगी।

रसूखदार बाबा का काला चिट्ठा

बता दें कि सिन्नर स्थित एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख अशोक खरात पर अब तक नासिक और अहिल्यानगर जिलों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 8 मामले सीधे तौर पर यौन शोषण और दुष्कर्म से जुड़े हैं। खरात का राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। गिरफ्तारी के बाद राज्य के कई बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल आ गया है। इस विवादित बाबा को पहली बार 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।

Navbharat Live
navbharatlive.com