महंगाई की मार: महंगे हुए बाप्पा के मोदक, कच्चे माल और सूखे मेवे के दाम बढ़ने से प्रसादों के बजट में उछाल

Nashik Modak Price Hike: नासिक में गणेशोत्सव के दौरान महंगाई का असर मोदक और प्रसाद की कीमतों पर भी पड़ा है। ड्राई फ्रूट मोदक 1200 रुपये और पिस्ता मोदक 3000 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
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नासिक मोदक(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Ganeshotsav: गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश के आगमन से सर्वत्र उत्साह और उल्लास का माहौल है, लेकिन इस वर्ष श्रद्धालुओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। चीनी, घी और किराना सामग्री के दाम बढ़ने के कारण भगवान बाप्पा के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली मिठाइयों और मोदकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हालांकि, इस महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे भारी संख्या में मोदक व प्रसाद सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मोदक के लिए इस्तेमाल होने वाले सूखे कोकोनट पाउडर 500 से 600 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।

ड्राई फ्रूट और पिस्ता मोदक सबसे महंगे

गणेशोत्सव के पहले दिन सुबह से ही शहर की प्रमुख मिठाइयों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पारंपरिक उकड़ी मोदकों के साथ-साथ इस बार बाजार में ड्राई फ्रूट्स और विभिन्न फ्लेवर वाले मोदकों की भारी मांग है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से दुकानदारों ने मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए हैं। वर्तमान में ड्राई फ्रूट मोदक 800 से 1200 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि सबसे महंगे पिस्ता मोदक 2500 से 3000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा अंजीर मोदक 1600 से 1800 रुपए और चॉकलेट मोदक 900 से 1000 रुपए प्रति किलो की दर पर उपलब्ध हैं।

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सोशल मीडिया बना डिजिटल पुरोहित

इस बार गणेशोत्सव की तैयारियों और पूजा-विधान में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिल रही है। गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, आरती की विधि और दस दिनों के प्रसाद की रेसिपी से जुड़ी जानकारियां फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और रील्स के माध्यम से श्रद्धालुओं तक तेजी से पहुंच रही हैं। पहले पंचांग या घर के बुजुर्गों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब डिजिटल माध्यमों से धार्मिक जानकारी तुरंत मिल रही है। हालांकि, जानकारों ने सलाह दी है कि भ्रम की स्थिति में केवल प्रामाणिक पंचांग या पुरोहितों का ही मार्गदर्शन लें।

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