

Nashik Police Ation: गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान प्रशासनिक नियमों की अनदेखी कर निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम बजाने वाले गणेश मंडलों पर नासिक शहर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ज़ोन 1 के तहत ध्वनि प्रदूषण नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन पाए जाने के बाद भद्रकाली और सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशनों में कुल 29 मामले दर्ज किए गए हैं।
गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा उच्च न्यायालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय किए गए नियमों का सरेआम उल्लंघन किया गया। जुलूस मार्ग पर अत्यधिक तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाए जाने की बात सामने आने पर पुलिस प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई का डंडा चलाया।
इस कार्रवाई के तहत ज़ोन 1 के क्षेत्राधिकार में आने वाले भद्रकाली पुलिस स्टेशन में 11 और सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 18 मामले दर्ज किए गए हैं। जुलूस के दौरान पुलिस टीमों और संबंधित विभागों ने ध्वनि की तीव्रता (डेसिबल) की माप की थी। इसमें निर्धारित सीमा से अधिक आवाज की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
गणेशोत्सव के दौरान कानून व व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण की समस्या से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले मंडलों पर अब गाज गिरी है। संबंधित मंडलों के पदाधिकारियों और साउंड सिस्टम संचालकों के खिलाफ मामले दर्ज कर लिए गए हैं तथा पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है।
गणेश विसर्जन जुलूस से पूर्व उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सार्वजनिक गणेश मंडलों से 1-1 लाख रुपये की अमानत (जमानत) राशि जमा कराई गई थी। विसर्जन जुलूस में ध्वनि प्रदूषण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले मंडलों पर अब पुलिस प्रशासन आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी में है। जिन मंडलों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उनकी यह 1 लाख रुपए की राशि अब पूरी तरह से सरकारी खजाने में जब्त की जाएगी।