नासिक के किसानों को राहत! नांदूर-जत्रा चौक सड़क के लिए ली गई जमीन का मुआवजा 24 साल बाद मिलेगा

Nashik Farmers Land Compensation: सिंहस्थ कुंभ के लिए नांदूर नाका-जत्रा चौक सड़क में अधिग्रहित जमीन का 30% मुआवजा किसानों को एक सप्ताह में मिलेगा। प्रशासन ने 100 करोड़ रुपये का कोष रखा है।
Nashik Farmers To Get 30 Percent Land Compensation
जमीन के मुआवजे पर प्रशासन का बड़ा आश्वासन(फोटो नवभारत)
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30 Percent Land Compensation In 1 Week: सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए छत्रपति संभाजीनगर रोड पर नांदूर नाका चौक से जत्रा चौक तक सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहित की गई किसानों की जमीनों का 30 प्रतिशत मुआवजा एक सप्ताह के भीतर वितरित करने का आश्वासन प्रशासन द्वारा दिया गया है।

पिछले 24 वर्षों से स्थानीय किसान इस राशि के भुगतान के लिए सरकार से लगातार मांग कर रहे थे। नांदूर में आयोजित किसानों की बैठक में पूर्व महापौर हिमगौरी आड़के, कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, मनपा आयुक्त मनीषा खत्री, पार्षद रिद्धीश निमसे, स्थायी समिति के पूर्व सभापति उद्धव निमसे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

100 करोड़ रुपये का कोष आरक्षित

इस अवसर पर मनपा आयुक्त खत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संरक्षक मंत्री (पालकमंत्री) गिरीश महाजन के निर्देशों के अनुसार पूर्व में ली गई जमीनों का मुआवजा दिया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ रुपये का कोष आरक्षित रखा गया है, जिसे सड़क निर्माण से प्रभावित किसानों को वितरित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि टाकली रोड की भूमि नापजोख का कार्य कर उसके अधिग्रहण का प्रस्ताव जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से तैयार किया जाएगा।

Nashik Farmers To Get 30 Percent Land Compensation
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साधुग्राम की भूमि पर स्थायी आरक्षण नहीं

नांदूर, टाकली और नासिक शिवार क्षेत्रों में साधुग्राम के लिए एक वर्ष की अवधि हेतु अस्थायी रूप से पट्टे पर ली जाने वाली जमीनों पर स्थायी आरक्षण लगाए जाने की आशंका जताते हुए स्थानीय किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी और उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

इस संदर्भ में आयुक्त मनीषा खत्री ने स्पष्ट किया कि विस्तारित साधुग्राम की भूमि पर किसी भी प्रकार का स्थायी आरक्षण नहीं लगाया जाएगा; यदि किसान मनपा में ले-आउट के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें स्वीकृति दी जाएगी। सिंहस्थ प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह ने भी स्पष्ट किया कि यहां जमीनों पर अतिरिक्त आरक्षण का कोई विषय नहीं है।

साधुग्राम के लिए जो भूमि मूल रूप से आरक्षित है, उसी का अधिग्रहण किया जाएगा। वहीं, अस्थायी रूप से ली जाने वाली जमीनों के संदर्भ में किसानों को जारी किए गए नोटिसों में खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध से जुड़ा जो मुद्दा आया था, उसे लागू नहीं रखा जाएगा।

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