Nashik News: विकास कार्यों से अधिक अव्यवस्था का असर, नागरिकों में बढ़ता आक्रोश
Nashik Traffic Issue: नासिक में कुंभ मेले से पहले चल रहे विकास कार्यों के कारण वैकल्पिक मार्गों की खराब स्थिति से नागरिकों और वाहन चालकों को भारी यातायात समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Nashik traffic issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Dwarka Underpass Nashik: कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक शहर में विभिन्न विकास कार्यों को गति दी गई है। लेकिन इन कार्यों से नागरिकों में संतोष का वातावरण बनने के बजाय आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है। सड़क और अंडरपास के काम शुरू करते समय वैकल्पिक मार्ग तो तय किए गए हैं, किंतु इन मार्गों की समुचित मरम्मत और रखरखाव न होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के मध्यवर्ती द्वारका क्षेत्र में इन दिनों अंडरपास का काम जारी है। इस मार्ग से पुणे की ओर जाने वाला यातायात बंद कर दिया गया है, जिसके कारण मुंबई नाका और शालीमार की ओर से आने वाले वाहनों को सह्याद्री हॉस्पिटल मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है। विशेष रूप से शालीमार की दिशा से आने वाले वाहन चालकों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई
काठेगली सिग्नल और मुंबई नाका क्षेत्र में पूर्व में पाइपलाइन का कार्य किया गया था। इसके बाद सड़क के किनारे की गई खुदाई की पूरी तरह मरम्मत नहीं की गई है। परिणामस्वरूप इस मार्ग से आवागमन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसी प्रकार सह्याद्री हॉस्पिटल से फ्लाईओवर की ओर जाते समय अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है। आगे शालीमार की ओर जाने वाली सड़क भी गड्ढों से भरी और जर्जर अवस्था में है, जिससे यातायात जाम की स्थिति बन रही है।
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ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य भागों में भी देखने को मिल रही है। किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत से पहले वैकल्पिक मार्गों की पूरी मरम्मत कर उन्हें सुचारु यातायात के योग्य बनाना आवश्यक है। अन्यथा विकास कार्यों का लाभ मिलने के बजाय नागरिकों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
द्वारका के 7 मीटर सड़क कार्य पहले पूरे किए जाने चाहिए थे
द्वारका क्षेत्र में अंडरपास निर्माण के साथ ही उसके दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ी नई सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। यदि इन सड़कों का निर्माण पहले कर लिया गया होता, तो यातायात के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकता था। लेकिन इन सड़कों का काम बाद में किए जाने की योजना से नागरिकों में नाराज़गी और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि समुचित योजना और क्रमबद्ध कार्यान्वयन होता, तो वर्तमान में उत्पन्न यातायात संकट टाला जा सकता था।
