264 नगरसेवक सीटों में से 218 पर महायुति की जीत, विपक्ष को करारी हार, ठाकरे गुट–कांग्रेस खाली हाथ
Nashik Mayor Election: 11 सीधे नगराध्यक्ष पदों पर महायुति ने क्लीन स्वीप किया। शिंदे गुट के 5, BJP व अजित पवार गुट के 3-3 नगराध्यक्ष बने। 264 में से 218 नगरसेवक सीटें भी महायुति ने जीतीं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Local Election Results: नासिक जिले में 11 सीधे नगराध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) के 5 उम्मीदवार सीधे नगराध्यक्ष चुने गए, वहीं भाजपा के 3 और राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) के 3 उम्मीदवारों ने सीधे नगराध्यक्ष पद जीता।
शिवसेना (ठाकरे गुट), कांग्रेस और शरद पवार गुट का एक भी उम्मीदवार सीधे नगराध्यक्ष नहीं बन सका। सीधे नगराध्यक्ष पदों के साथ-साथ 264 नगरसेवक पदों के लिए हुए चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) ने सर्वाधिक 85 सीटें जीतकर बढ़त हासिल की।
भाजपा को 71 और राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) को 62 नगरसेवक पद मिले। राज्य में विपक्ष में रहने वाले ठाकरे गुट को 28 नगरसेवक, कांग्रेस को 1 और शरद पवार गुट को 3 सीटें प्राप्त हुई। 14 स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की।
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विशेष बात यह रही कि अलग-अलग चुनाव लड़ने के बावजूद इस चुनाव में महायुति के घटक दलों ने ही बाजी मारते हुए 11 में से सभी 11 सीधे नगराध्यक्ष पद जीत लिए, और 264 में से 218 नगरसेवक सीटों पर विजय प्राप्त की।
| पक्ष | विजेत्यांची संख्या |
|---|---|
| भाजपा | 3 |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 5 |
| राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) | 3 |
इस चुनाव में किस पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलती है – और किस पार्टी के अधिक नगराध्यक्ष चुने जाते हैं, इस पर सबकी नजर थी, मतदान 2 दिसंबर को हुआ था और परिणाम 3 दिसंबर को आने थे, लेकिन कुछ नगरपालिकाओं – से जुड़े विवाद न्यायालय में होने के कारण वहां मतदान 20 दिसंबर को हुआ। इसलिए संयुक्त रूप से परिणाम रविवार – को घोषित किए गए।
नगरसेवक परिणाम (गांववार)
| गांव | कुल | भाजपा | शिंदे गुट | अजित गुट | ठाकरे गुट | अन्य |
|---|---|---|---|---|---|---|
| पि. बसवंत | 25 | 8 | 10 | 7 | 0 | 0 |
| मनमाड | 31 | 1 | 21 | 1 | 4 | 4 |
| भगूर | 20 | 6 | 8 | 3 | 2 | 1 |
| नांदगांव | 20 | 0 | 19 | 0 | 0 | 0 |
| सिन्नर | 30 | 2 | 1 | 13 | 14 | 0 |
| सटाणा | 24 | 15 | 4 | 1 | 0 | 4 |
| येवला | 26 | 3 | 10 | 11 | 0 | 2 |
| त्र्यंबकेश्वर | 20 | 7 | 5 | 8 | 0 | 0 |
| इगतपुरी | 21 | 2 | 5 | 13 | 1 | 0 |
| ओझर | 27 | 16 | 0 | 5 | 6 | 0 |
| चांदवड | 20 | 11 | 2 | 0 | 1 | 6 |
नगराध्यक्ष विजेता सूची
| नगर / शहर | विजेता नाम | पक्ष |
|---|---|---|
| पि. बसवंत | डॉ. मनोज कृष्णा बरडे | भाजपा |
| मनमाड | योगेश दिलीप पाटील | शिवसेना (शिंदे गुट) |
| भगूर | प्रेरणा बलकवडे | राष्ट्रवादी काँग्रेस (अजित गुट) |
| नांदगांव | सागर हिरे | शिवसेना (शिंदे गुट) |
| सिन्नर | विठ्ठलराव उगले | राष्ट्रवादी काँग्रेस (अजित गुट) |
| सटाणा | हर्षदा राहुल पाटील | शिवसेना (शिंदे गुट) |
| येवला | राजेंद्र भाऊलाल लोणारी | राष्ट्रवादी काँग्रेस (अजित गुट) |
| त्र्यंबकेश्वर | त्रिवेणी तुंगार-सोनवणे | शिवसेना (शिंदे गुट) |
| इगतपुरी | शालिनी संजय खताळे | शिवसेना (शिंदे गुट) |
| ओझर | अनिता घेडगमल | — |
| चांदवड | वैभव विजयकुमार बागुल | भाजपा |
509 ईवीएम पर 131 प्रभागों की मतगणना
जिले में 11 सीधे नगराध्यक्ष पदों और 264 नगरसेवक पदों के लिए हुए चुनाव का परिणाम रविवार को घोषित हुआ। मतगणना के लिए जिले के 11 शहरों में 110 टेबल लगाए गए थे। 509 ईवीएम पर 131 प्रभागों की मतगणना की गई।
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जिले के कुल 3,72,542 मतदाताओं में से 2 दिसंबर को 2,54,608 और 20 दिसंबर को 12,165 मतदाताओं ने मतदान किया। मतगणना के लिए कुल 116 टीमें नियुक्त की गई थीं। मतगणना सुबह 10 बजे शुरू हुई। पहले 131 डाक मतों की गिनती की गई, इसके बाद प्रभागवार मतगणना शुरू हुई।
सभी 11 नगरपरिषदों के चुनाव में महायुति के भीतर दिखी समन्वय की कमी
जिन 11 नगरपरिषदों में चुनाव हुए, उनमे मनमाड, सिन्नर, येवला, पिपलगांव बसवंत, ओझर, इगतपुरी, नांदगांव, भगूर, त्र्यंबकेश्वर, सटाणा और चांदवड शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर महायुति के विधायक हैं-जिनमें राष्ट्रवादी के 5, भाजपा के 2 और शिवसेना (शिंदे गुट) के ।
विधायक शामिल है। इसलिए इन विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में कौन सा दल प्रभावी रहा, यह भी इन परिणामों से स्पष्ट हुआ। इन सभी 11 नगरपरिषदों के चुनाव में महायुति के भीतर समन्वय की कमी दिखाई दी।
अधिकांश स्थानों पर मित्र दल महायुति के रूप में सामने न आकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चुनाव लड़े। कहीं भाजपा के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) ने गठबंधन किया तो कहीं राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) विपक्ष में रही।
कुछ स्थानों पर शिवसेना (शिंदे गुट) के खिलाफ भाजपा और अजित पवार गुट साथ आए। दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। उसके घटक दलों में ठाकरे गुट कुछ स्थानों पर मजबूत रहा, जबकि अन्य दलों के उम्मीदवार ज्यादा प्रभावी नजर नहीं आए। कुल मिलाकर, इन सभी राजनीतिक घटनाक्रमों का उत्तर आज के परिणामों से मिल गया।
