Nashik News: सिविल अस्पताल में लापरवाही का आरोप, बाथरूम में गिरने से 52 वर्षीय मरीज की मौत

Patient Death In Civil Hospital: नासिक के सिविल अस्पताल में भर्ती 52 वर्षीय कैलास चारोसकर की बाथरूम में गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
nashik civil hospital patient death negligence allegation
नासिक सिविल अस्पताल(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Highlights

  • नासिक के सिविल अस्पताल में भर्ती कैलास शांताराम चारोसकर की इलाज के दौरान मौत हो गई।

  • 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे मरीज बाथरूम में अचानक चक्कर आने से गिर पड़े और उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी।

  • मरीज की शारीरिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उनके साथ कोई मेडिकल स्टाफ, नर्स या अटेंडेंट मौजूद नहीं होने की बात सामने आई है।

Nashik Hospital Negligence: उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा एक बार पहले गंभीर रूप से सामने आया है। पहले से ही गंभीर बीमारी और कमजोरी से जूझ रहे 52 वर्षीय मरीज को अकेले ही बाथरूम जाना पड़ने के कारण यह दुर्घटना घटी। बाथरूम में अचानक चक्कर आने से गिर जाने के कारण सिर पर गंभीर चोट लगी और उसके बाद इलाज के दौरान हुई मौत से लोगों में भारी आक्रोश है।

इस मामले में सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में नोंद की गई है, और इस दुर्घटना ने सरकारी अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। पुलिस से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, मृतक कैलास शांताराम चारोसकर (उम्र 52, कोलीवाडा, पिंपलगांव बसवंत) को 27 अक्टूबर की शाम को सिविल अस्पताल के एमएम वार्ड में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उनका चिकित्सीय उपचार चल रहा था, इसी दौरान शुक्रवार 30 की दोपहर करीब 3 बजे यह दर्दनाक घटना घटी।

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कमजोर होने के बावजूद अकेला बाथरूम गया मरीज

संबंधित मरीज की शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर थी। इसके बावजूद, वे खुद चलकर बाथरूम गए। खास बात यह है कि बेहद गंभीर और कमजोर अवस्था वाले इस मरीज के साथ कोई भी मेडिकल स्टाफ, नर्स या अस्पताल का अटेंडेंट मौजूद नहीं था। मरीज की हरकतों और सुरक्षा पर नजर रखना बेहद जरूरी होने के बावजूद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिए जाने की बात स्पष्ट होती है।

बाथरूम में चक्कर खाकर गिरने से सिर पर गंभीर चोट

बाथरूम में जाने के बाद कमजोरी के कारण कैलास चारोसकर को अचानक तेज चक्कर आया और वे जमीन पर जोर से गिर पड़े। इस दुर्घटना में उनके सिर के पिछले हिस्से पर बेहद गंभीर चोट आई। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। इस घटना की तुरंत नोंद लेते हुए उसी दिन उन्हें अस्पताल से बाहर ले जाया गया।

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आड़गांव मेडिकल कॉलेज में मौत

सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए आड़गांव स्थित मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर किया गया था। वहां चिकित्सा अधिकारियों और डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी रहने के दौरान ही, शनिवार 31 अक्टूबर को डॉ. मालोदे मैडम ने जांच के बाद कैलास चारोसकर को मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह

इस मामले में सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु की नोंद की गई है। मामले की अगली जांच पुलिस हवालदार साबले कर रहे हैं। इस पूरी घटना के कारण सिविल अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा और चिकित्सा सेवा पर बड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। कमजोर मरीजों को इस तरह अकेला छोड़ना उनकी जान पर भारी पड़ सकता है, यह इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने कोई आंतरिक जांच की है या नहीं और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इसे लेकर नागरिकों में तीव्र रोष व्यक्त किया जा रहा है।