नासिक में पेट्रोल-डीजल नहीं, ऑटो LPG ने मचाया हाहाकार; युद्ध के चलते 50% बढ़े दाम, रिक्शा किराया भी हुआ महंगा
Auto Gas Price Hike: वैश्विक युद्ध के चलते नासिक में ऑटो गैस की कीमतें 53 से उछलकर 80 पहुंच गई हैं। गैस किल्लत और बढ़ते किराए ने आम जनता और रिक्शा चालकों की कमर तोड़ दी है।
- Written By: आकाश मसने
ऑटो रिक्शा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Auto Rickshaw Fare Increase: वैश्विक युद्ध की स्थितियों ने नासिक के परिवहन क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। पिछले 3 दिनों में ऑटो एलपीजी की कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे रिक्शा चलाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। गैस वितरण प्रणाली पर दबाव और युद्ध के साये ने बाजार का गणित बिगाड़ दिया है। जो गैस 9 मार्च तक 53 प्रति लीटर मिल रही थी, उसकी कीमत अब 80 तक रुपये पहुंच गई है। यह एक ही हफ्ते में 27 की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
नासिक शहर के पांच मुख्य ऑटो एलपीजी पंप आपूर्ति न होने के कारण बंद हो चुके हैं। वर्तमान में केवल ‘गो गैस’ पंप ही चालू है, जहां पूरे जिले से वाहन आ रहे हैं। पंप प्रबंधक विशाल बनसोडे के अनुसार, रोजाना की खपत 3 टन से चढ़कर सीधे 6 टन हो गई है। लोग भविष्य की चिंता में फुल टैंक करवा रहे हैं, जिससे किल्लत और चढ़ गई है।
आम आदमी पर दोहरी मार
रिक्शा किराया महंगा गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर आम मुसाफिरों पर पड़ा है। रिक्शा चालकों ने मजबूरी में किराए की नई दरें लागू कर दी हैं। पहले 30, अब 40 से 50 रुपये लिाए जा रहे हैं। वडाला गांव से बडाला नाकाः पहले 20, अब 30 किराया देना पड़ रहा है। बडाला नाका से शालिमारः यहां यात्रियों को अब कुल 50 खर्च करने पड़ रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
गूंगी गुड़िया हैं सुनेत्रा पवार, हर्षवर्धन सपकाल का विवादित बयान; महाराष्ट्र में छिड़ा सियासी घमासान
पुलिस को बताया तो जान से मार दूंगी.. 9 महीने के मासूम के मुंह में डाला फेविक्विक, पारिवारिक झगड़े का लिया बदला
MMRDA मेट्रो नेटवर्क का नया कीर्तिमान, 30 करोड़ का आंकड़ा पार, रोजाना सफर कर रहे 2.79 लाख यात्री
Chandrapur News: ब्रह्मपुरी का श्मशान घाट खुद गिन रहा आखिरी सांस, जर्जर खंभे बने हादसों का सबब
बाजार में ऑटो गैस की स्थिति
| ऑटो गैस | स्थित |
| पुरानी दर | 53 रुपए / लीटर |
| नई दर | 80 रुपए / लीटर |
| मुख्य कारण | ईरान-इजराइल युद्ध और घरेलू गैस को प्राथमिकता |
| असर | 5 पंप बंद, किराए में 10-20 रुपए की वृद्धि |
यह भी पढ़ें:- नवभारत संपादकीय: अमेरिका को अंबानी की रिफाइनरी क्यों जरूरी?
परेशान कर्मचारी और चालक
काम के बढ़ते बोझ के कारण पंथ कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए है। सुबह 6 से रात 12:30 बजे तक काम करने के बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन से असमर्थता जताई है। वहीं रिक्शा चालक शेख अनवर का कहना है कि किराया बढ़ने से यात्री बहस कर रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक आय घट गई है।
