

नासिक जिले के अंत्योदय परिवारों को दीवाली पर रियायती चीनी मिलने का इंतजार।
सितंबर तक आवंटित 9 लाख किलो चीनी का वितरण पूरा।
अक्टूबर से मिलने वाला नया कोटा अब तक जारी नहीं हुआ।
अंत्योदय योजना के पात्र पीले राशन कार्डधारकों को मिलती है 1 किलो चीनी।
खुले बाजार में बढ़ते दामों के बीच गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ीं।
Nashik Ration Sugar Shortage Diwali: दीवाली से पहले नासिक जिले के हजारों अंत्योदय परिवारों को राशन की रियायती चीनी मिलने का इंतजार है। सितंबर तक आवंटित 9 लाख किलो चीनी का वितरण हो चुका है, लेकिन अक्टूबर का नया कोटा अब तक जारी नहीं हुआ। खुले बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच गरीब परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
नासिक, दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन नासिक जिले के हजारों गरीब परिवारों के लिए इस बार मिठास का इंतजाम मुश्किल होता नजर आ रहा है। अंत्योदय अन्न योजना के पात्र पीले राशन कार्डधारकों को मिलने वाली रियायती चीनी का स्टॉक राशन दुकानों में खत्म हो चुका है। राज्य सरकार की ओर से अक्टूबर महीने का नया चीनी कोटा अब तक जारी नहीं किए जाने से लाभार्थियों की चिंता बढ़ गई है।
नासिक जिले में पीले राशन कार्डधारकों के लिए सितंबर के अंत तक आवंटित करीब 9 लाख किलो चीनी का वितरण किया जा चुका है। इसके बाद अक्टूबर से मिलने वाला नया कोटा जारी नहीं हुआ। ऐसे में राशन दुकानदारों के पास भी चीनी का स्टॉक शेष नहीं है। यदि जल्द आवंटन नहीं हुआ, तो हजारों परिवारों की दीवाली बिना रियायती चीनी के गुजर सकती है।
राशन दुकानों के माध्यम से नियमित रूप से केवल अंत्योदय अन्न योजना के पात्र पीले राशन कार्डधारकों को ही 1 किलो रियायती चीनी दी जाती है। अन्य श्रेणी के राशन कार्डधारकों के लिए चीनी का वितरण पहले ही बंद किया जा चुका है। अब अंत्योदय परिवारों को भी त्योहार के समय इस सुविधा से वंचित रहने की आशंका है।
राज्य में 15 अक्टूबर से गन्ना पेराई का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन राशन प्रणाली के लिए सरकार की ओर से चीनी की खरीद नहीं किए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के पास भी वितरण के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं हो पाया है।
दीवाली त्योहार के दौरान चीनी की मांग बढ़ने के साथ खुले बाजार में इसके दाम भी बढ़ रहे हैं। वसुबारस के बाद धनतेरस, लक्ष्मी पूजन, पाडवा और 11 नवंबर को भाईदूज का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में गरीब परिवारों को बाजार से महंगी चीनी खरीदने की मजबूरी का सामना करना पड़ सकता है। लाभार्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द नया कोटा जारी करेगी, ताकि त्योहार से पहले राशन दुकानों के माध्यम से उन्हें रियायती चीनी मिल सके।