नासिक विधान परिषद: मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचे बागी गोकुल गिते; क्या मानेंगे फडणवीस की बात या होगी आर-पार?

Nashik MLC Election: नासिक विधान परिषद चुनाव में शिवसेना के नरेंद्र दराडे के खिलाफ महायुति के गोकुल गिते बगावत पर अड़े हैं। इस सियासी संकट के बीच वे देवेंद्र फडणवीस से मिलने मुंबई पहुंचे हैं।
Nashik MLC poll faces Mahayuti rift as rebel Gokul Gite refuses to back down against Shiv Sena's Narendra Darade, heading to Mumbai to meet Devendra Fadnavis.
देवेंद्र फडणवीस,गोकुल गिते, नरेंद्र दराडे , (सोर्स-डिजाइन फोटो/ नवभारत)
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Nashik MLC Election Devendra Fadnavis Meeting Gokul Gite: नासिक विधान परिषद चुनाव के दौरान महायुति के भीतर का आपसी टकराव अब अपने चरम पर है। भाजपा के पूर्व स्थायी समिति सभापति गणेश गिते के भाई गोकुल गिते के चुनावी मैदान में डटे रहने से आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे (शिवसेना-शिंदे गुट) की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

गोकुल गिते बनाम नरेंद्र दराडे

सीधी तकरार इस बगावत को शांत करने के लिए दो मंत्री लगातार कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन गिते ने किसी भी तरह के समझौते से साफ इनकार कर दिया है। गोकुल गिते ने नरेंद्र दराडे पर तीखा हमला बोलते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर अडिग है, जिससे महायुति के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। महायुत्ति के वरिष्ठ नेताओं के लिए यह 'दोस्त बनाम दोस्त' का मुकाबला प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

क्या बदलेगा समीकरण ?

पूरा नासिक जिला अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा के बाद गोकुल गिते क्या फैसला लेते है। क्या वे आलाकमान के निर्देश पर पीछे हटेंगे या फिर चुनावी मैदान में अपनी ताल ठोकेंगे? मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही गिते की अगली भूमिका और महायुक्ति का भविष्य स्पष्ट हो पाएगा।

मुख्यमंत्री के दरबार में गिते, सियासी अटकलें तेज

बगावत के इस माहौल में गोकुल गिते का अचानक मुंबई रवाना होना नासिककी सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन गया है। गिते अपनी पत्नी के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने के लिए मुंबई पहुंचे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह मुलाकात चुनाव के संदर्भ में 'आर-पार' की हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से गिते परिवार ने स्थानीय मतदाताओं से संपर्क तेज कर अपनी स्वतंत्र रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया था।

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