नासिक कुंभमेला 2027: थ्री-टियर पार्किंग से जाम मुक्त होगा शहर, साधुग्राम मुआवजे पर भूमि स्वामियों में असमंजस

Nasik Kumbh Mela 2027: नासिक कुंभमेला 2027 के लिए थ्री-टियर पार्किंग और 3000 बसों का ट्रैफिक मास्टरप्लान तैयार है, लेकिन साधुग्राम भूमि के 2264 करोड़ के मुआवजे को लेकर असमंजस बरकरार है।
A three-tier parking masterplan with 3000 shuttle buses is ready for Nasik Kumbh Mela 2027, but ambiguity remains over the ₹2264 cr Sadhu Gram land compensation.
नासिक कुंभमेला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nasik Kumbh Mela Traffic Plan: सिंहस्थ कुंभमेला 2027 के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए नासिकत्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण ने एक विस्तृत 'ट्रैफिक मास्टरप्लान' तैयार किया है। अमृत स्नान के मुख्य दिनों में शहर के मुख्य हिस्सों में ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए 'त्रिस्तरीय (थ्री-टियर) पार्किंग व्यवस्था' लागू की जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों को शहर की सीमा से बाहर रोकना है। योजना के अनुसार शहरों में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सबसे पहले बाहरी पार्किंग स्थलों पर वाहनों को व्यवस्थित किया जाएगा। यह स्तर यातायात के भारी दबाव को कम करने के लिए बफर जोन के रूप में कार्य करेगा।

पार्किंग क्षमता और सुविधाएं

इनर पार्किंग क्षेत्र तक केवल एसटी महामंडल की विशेष बसों को ही जाने की अनुमति होगी। वहां से आगे का घाट क्षेत्र पूरी तरह 'पैदल यात्रियों' के लिए आरक्षित रहेगा। प्राधिकरण ने 2015 के कुंभमेले के अनुभवों का अध्ययन कर नए पार्किंग स्थलों का चयन किया है

  • नासिक 888 हेक्टेयर क्षेत्र में 46 पार्किंग स्थलों की योजना।
  • त्र्यंबकेश्वरः 671 हेक्टेयर क्षेत्र में 26 पार्किंग स्थलों का प्रस्ताव।

लगभग 3 लाख ईसीएस (इक्विवेलेट कार स्पेस) के लक्ष्य के साथ पार्किंग स्थलों को विकसित किया जाएगा। दोपहिया, चौपहिया और बसों के लिए अलग-अलग जोन होंगे, जहां यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

3 हजार बसों की शटल सेवा

कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने बताया कि अमृत स्नान के अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में मुख्य नासिक शहर क्षेत्र को 'व्हीकल फ्री' (गाड़ी-फ्री) रखने का लक्ष्य है। इसके लिए बाहरी पार्किंग स्थलों से घाट क्षेत्र तक श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए लगभग तीन हजार एसटी बसों के माध्यम से' शटल सेवा' चलाने का प्रस्ताव है। यह पूरी प्रणाली व्यापक यातायात प्रारूप से जुड़ी होगी, ताकि श्रद्धालु बिना जाम में फंसे सुरक्षित तरीके से घाटों तक पहुंच सकें।

मुआवजे पर असमंजस

आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के बीच साधुग्राम के लिए स्थायी भूमि अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए 2264 करोड़ रुपये की निधि को मंजूरी दी है, लेकिन मुआवजे की दरों को लेकर जमीन मालिकों और महानगर पालिका के बीच अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महानगर पालिका ने कुंभमेला प्राधिकरण को कुल 2514 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 2264 करोड़ रुपये नए अधिग्रहण के लिए और 250 करोड़ रुपये पूर्व में अच्छिाहीत की गई जमीनों के मुआवजे के लिए मांगे गए थे। हालांकि, सरकार ने केवल 2264 करोड़ रुपये की राशि ही मंजूर की है और पूर्व की अधिग्रहीत जमीनों के मुआवजे के लिए मांगी गई 250 करोड़ की राशि को खारिज कर दिया है।

377 एकड़ का विशाल साधुग्राम

सिंहस्थ कुंभमेले में आने वाले लाखों साधु-संतों की सुविधा के लिए तपोवन में 377 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। मनपा पहले ही 94 एकड भूमि अधिग्रहीत कर चुकी है। 283 एकड़ भूमि को स्थायी रूप से अधिग्रहीत किया जाना है। मनपा ने 193 एकड़ जमीन के लिए प्रस्ताव समिति को सौंप दिया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी प्रतीक्षित है।

साधुग्राम का विस्तार नांदूर नाका तक है, जिसमें मुख्य सड़क के किनारे से लेकर आंतरिक इलाकों तक की विभिन्न श्रेणियों (जोन) की निजी जमीनें शामिल हैं। भूमि स्वामियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन सभी जमीनों के लिए एक समान दर तय करेगा या जोन (श्रेणी) के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा?

साधुग्राम के लिए जमीन अधिग्रहीत

करने के लिए सरकार ने निधि तो दे दी है, लेकिन अभी तक मनपा की ओर से भूमि स्वामियों से कोई संवाद नहीं किया गया है। इसके अलावा, अधिग्रहीत जमीनों की दरें क्या होंगी, यह निश्चित न होने से जमीन मालिक असमंजस में हैं। इस संबंध में जल्द ही मनपा आयुक्त से मुलाकात की जाएगी। - समाधान जेजूरकर, समन्वयक, कृति समिती

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