Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नासिक विधान परिषद चुनाव: समर्थन के बावजूद बढ़ी बेचैनी, महायुति ने पार्षदों पर रखी कड़ी नजर

Nashik MLC Election: नासिक विधान परिषद चुनाव में महायुति ने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए सैर पर भेजने की रणनीति अपनाई है। समर्थन के बावजूद मतपत्र पर नाम बने रहने से क्रॉस वोटिंग की आशंका बढ़ गई है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Jun 15, 2026 | 10:15 AM

नासिक चुनाव, विधान परिषद, महायुति,(सोर्स: सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Nashik Local Body Constituency: नासिक स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। मतदान में अब केवल कुछ दिन शेष हैं और ऐसे में महायुति ने अपने पार्षदों पर कड़ी नजर रखने का अभियान शुरू कर दिया है। चुनाव मैदान में आधिकारिक रूप से तीन उम्मीदवार हैं, लेकिन उनमें से दो ने शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इसके बावजूद उनके नाम मतपत्र पर बने रहने वाले हैं। इसी कारण महायुति खेमे में बेचैनी बढ़ गई है और पार्षदों को सैर पर भेजकर वोटों को सुरक्षित रखने की रणनीति अपनाई जा रही है।

गुप्त रखी जा रही जानकारी

शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद शनिवार को ही सैर के लिए रवाना हो गए। हालांकि दावा किया गया था कि भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस के पार्षद रविवार को बाहर जाएंगे, लेकिन दोनों दलों के पार्षद अपने-अपने स्थान पर ही बने रहे। भाजपा की ओर से कहा गया कि पार्षद सोमवार दोपहर रवाना होंगे, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

इससे महायुति के दोनों घटक दलों के पार्षद आखिर सैर पर जाएंगे या नहीं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनकी यह दुविधा महायुति के लिए चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार सभी पार्षदों को पहले ठाणे में एकत्रित किया जाएगा और उसके बाद उन्हें किसी गुप्त स्थान पर ले जाया जाएगा। मतदान तक सभी मतदाताओं को एक ही स्थान पर रखने की योजना बनाई गई है। हालांकि कई पार्षद इस राजनीतिक सैर को लेकर अधिक उत्साहित नहीं हैं।

सम्बंधित ख़बरें

गोंदिया में RTO की बड़ी कार्रवाई, 6 माह में 975 वाहनों पर चालान, 19.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूल

वर्धा में डीजल बिक्री पर नई सीमा: अब एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल मिलेगा

महाराष्ट्र कांग्रेस में असंतोष के बीच नेतृत्व का फैसला, नए जिलाध्यक्षों को मिलेगा 6 महीने का समय

अकोला में जलसंकट की आहट, काटेपूर्णा बांध में सिर्फ 22.43% जल भंडारण शेष

मतपत्र पर नाम बने रहने से बढ़ी परेशानी

नरेंद्र दराडे को समर्थन देने वाले उम्मीदवारों ने नाम वापस नहीं लिया है। इसलिए उनके नाम मतपत्र पर बने रहेंगे। इससे भ्रम, गलती या जानबूझकर किए गए मतदान के कारण वोटों के बंटने की आशंका महायुति को परेशान कर रही है। इसी पृष्ठभूमि में पार्षदों को एकजुट रखने का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधान परिषद चुनाव के लिए पार्षदों को शहर से बाहर भेजे जाने की राजनीति से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

स्पष्ट बहुमत के बावजूद क्यों सता रहा है डर ?

महायुति के पास इस चुनाव में स्पष्ट संख्याबल माना जा रहा है। भाजपा के लगभग 190, शिवसेना के 171 और राष्ट्रवादी कांग्रेस के 107 पार्षद मतदाता है। इतना मजबूत संख्याबल होने के बावजूद पार्षदों को सैर पर भेजने की जरूरत क्यों पड़ी, यह सवाल राजनीतिक गलियारों में उठ रहा है। स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाताओं की संख्या सीमित होती है, इसलिए प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण माना जाता है।

गुप्त मतदान, वरीयता क्रम की प्रणाली और मतपत्र पर अन्य उम्मीदवारों के नाम बने रहने के कारण यदि कोई वोट गलत दिशा में चला गया तो पूरा गणित बिगड़ सकता है। इसी वजह से क्रॉस वोटिंग या किसी अप्रत्याशित राजनीतिक झटके से बचने के लिए महायुति द्वारा रिसॉर्ट राजनीति का सहारा लेने की चर्चा है।

खोसकर की आलोचना

राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक हिरामण खोसकर ने नरेंद्र दराडे की कार्यशैली पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि महायुति धर्म का पालन करते हुए वे चुनाव में सहयोग करेंगे। इससे ऊपर से सब कुछ सामान्य दिखाई देने के बावजूद अंदरूनी असहजता की चर्चा तेज हो गई है।

पार्षदों की सैर के साथ उन्हें टोकन मिलने की चर्चाओं ने भी राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। चुनाव लगभग एकतरफा माना जा रहा है, लेकिन मतदान प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बड़े खर्च की चर्चा राजनीतिक हलकों में होने लगी है। इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी इसकी जोरदार चर्चा जारी है।

क्या सवाल पीछे छूट गए?

पानी आपूर्ति, सफाई, सड़कें, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के लिए लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों की जरूरत होती है। लेकिन इस समय जनप्रतिनिधि सैर पर हैं और नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें:- संभाजीनगर की नई जल योजना को फिर झटका, पानी सप्लाई से पहले तकनीकी संकट; आधी रात जला वैक्यूम पंप

लोकतंत्र में चुनाव महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन जनता की रोजमर्रा की समस्याएं भी उतनी ही अहम होती है। फिलहाल नासिक की राजनीति में नागरिकों के मुद्दों से ज्यादा पार्षदों की सैर और चोटों की सुरक्षा की चर्चा अधिक दिखाई दे रही है।

Mlc election mahayuti sends councillors on tour to secure votes nashik

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 15, 2026 | 10:15 AM

Topics:  

  • Maharashtra Legislative Council Elections
  • Maharashtra News
  • Maharashtra Politics
  • Maharashtra Vidhan Parishad
  • Nashik News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.