

Nashik Mayor Himgauri Aher-Adke Kalidas Kala Mandir: नासिक की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले कालिदास कला मंदिर में मेंटिनेंस कार्यों में भारी देरी के कारण कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द होने की शिकायतों पर महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने अचानक निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। वहीं, पुराने नासिक के मातंगवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित एमएसईबी सबस्टेशन को लेकर नागरिकों द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया।
नासिक की सांस्कृतिक विरासत का 'प्रतीक' कालिदास कला मंदिर के निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि प्रलंबित कामों के चलते आयोजकों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कार्यक्रम रद्द होने से नाराज महापौर ने अधिकारियों से देरी का कारण पूछा और पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया।
महापौर ने साफ शब्दों में कहा कि कालिदास कला मंदिर केवल एक सभागार नहीं, बल्कि नासिक की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित काम तत्काल पूरा कर सभागार जल्द नागरिकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसी दौरान प्रभाग क्रमांक 13 स्थित मातंगवाड़ा इलाके में प्रस्तावित एमएसईबी इलेक्ट्रिक सबस्टेशन को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा व्यक्त सुरक्षा चिंताओं की भी महापौर ने गंभीरता से दखल ली। घनी आबादी वाले क्षेत्र में बनने वाले इस प्रकल्प में सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन जरूरी बताते हुए उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी ड्रॉइंग, आराखड़े और आवश्यक दस्तावेज तलब किए।
नासिक महापौर ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी प्रकार का खतरा न हो इसकी लिखित जिम्मेदारी एमएसईबी को लेनी होगी। इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए एमएसईबी अधिकारियों को महापौर कार्यालय तलब किया गया है।