मनमाड: पुणे-इंदौर हाईवे पर अवैध अतिक्रमण पर चला जेसीबी, दुकानदारों ने खड़े किए तीखे सवाल

Manmad Anti Encroachment Drive: मनमाड में पुणे-इंदौर हाईवे पर प्रशासन ने जेसीबी चलाकर अवैध अतिक्रमण हटाए। कार्रवाई से गुस्साए स्थानीय व्यापारियों ने भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध को लेकर सवाल उठाए।
Encroachments on Pune-Indore highway in Manmad were demolished using JCBs amid police tight security. Local traders protested, questioning the entry ban on heavy vehicles.
अवैध अतिक्रमण (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune Indore Highway Traffic Illegal Shop Eviction: नगर परिषद प्रशासन और पुलिस ने सोमवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुणे-इंदौर राजमार्ग से सटे अवैध अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच जेसीबी मशीनों की सहायता से हाईवे किनारे बनी अवैध टपरियों, अस्थायी दुकानों और अन्य अतिक्रमणों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि राजमार्ग पर लगातार बढ़ रही यातायात समस्या और जाम की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक थी।

अभियान की शुरुआत नगीना मस्जिद के सामने से की गई। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेषराव चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक बाजीराव महाजन तथा पुलिस निरीक्षक विजय करे स्वयं मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुणे-इंदौर राजमार्ग पर अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया।

हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय दुकानदारों और टपरी संचालकों ने कड़ा विरोध किया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम के लिए केवल अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए रोजगार के साधनों को खत्म किया जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

व्यापारियों ने प्रशासन से कई सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि जिलाधिकारी आयुष प्रसाद द्वारा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध का प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया जा रहा है। साथ ही अन्य मार्गों से आने वाले वाहनों को इस व्यस्त सड़क पर डायवर्ट किए जाने से भी यातायात का दबाव बढ़ रहा है।

व्यापारियों ने सवाल उठाया कि क्या मनमाड शहर की ट्रैफिक समस्या का समाधान सैकड़ों युवाओं को बेरोजगार करके ही निकाला जाएगा। उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात को सुचारु बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं प्रभावित दुकानदारों ने अपनी मांगों को लेकर आगे आंदोलन की चेतावनी दी है।

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