

Fake FDA Officers Manmad: नासिक जिले में अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में बनी कार्रवाई की दहशत का फायदा उठाने का प्रयास मनमाड में सामने आया है।
एफडीए अधिकारी बनकर दो महिलाओं सहित चार लोगों की एक फर्जी टीम ने शहर की मिठाई दुकानों में जाकर खाद्य पदार्थों की जांच शुरू की। हालांकि, दुकानदारों को संदेह होने पर उन्होंने पहचान पत्र की मांग की। इसके बाद फर्जी टीम मौके से फरार हो गईं।
आयुक्त तुकाराम मुंढे के पदभार संभालने के बाद दूध, पनीर, खाद्य तेल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं तथा संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इस अभियान से मिलावटखोरों में खलबली मची हुई है। वहीं खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में भी प्रशासन की जांच को लेकर सतर्कता बढ़ी है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग खुद को एफडीए अधिकारी बताकर दुकानदारों को डराने और कथित तौर पर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहे हैं।
टीम में दो महिला सहित 4 लोग थे शामिल
रविवार सुबह दो महिलाओं सहित चार लोगों की यह टीम मनमाड रेलवे स्टेशन क्षेत्र की एक मिठाई की दुकान में पहुंची। बिना कोई परिचय दिए उन्होंने दुकान में रखे खाद्य पदार्थों की जांच शुरू कर दी। दुकानदार ने उनसे पूछा कि वे कौन हैं और जांच किस आधार पर कर रहे हैं।
इसके बजाय उन्होंने दूध कहां से खरीदते हैं, कौन सा खाद्य तेल इस्तेमाल करते हैं और दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण हुआ है या नहीं, जैसे सवाल पूछने शुरू कर दिए। दुकानदार को संदेह होने पर उसने तत्काल अपने एसोसिएशन के अध्यक्ष को फोन कर घटना की जानकारी दी। इस बीच फर्जी टीम पास की दूसरी मिठाई की दुकान में पहुंचकर इसी तरह पूछताछ और जांच करने लगी।
फर्जी अधिकारी बनकर पहुंचे चार लोग, भागे
एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष भंडारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने चारों से पहचान पत्र दिखाने को कहा। इसी दौरान पुलिस निरीक्षक विजय करे को भी घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि टीम को जाने न दे, वे मौके पर पहुंच रहे है।
पुलिस के आने की जानकारी मिलते ही फर्जी टीम को अपना भेद खुलने का अंदेशा हुआ। इसके बाद चारों ने टालमटोल वाले जवाब दिए और मौके से फरार हो गए। दुकानदारों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों की सतर्कता के कारण फर्जी अधिकारियों का प्रयास विफल हो गया।