मालेगांव मनपा चुनाव में नामांकन का आगाज, तीन दिन सन्नाटा, चौथे दिन दाखिल हुए पहले पर्चे

Nomination Process: मालेगांव महानगरपालिका की 84 सीटों के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनाव में सरगर्मी तेज हो गई है। चौथे दिन चार वार्डों से छह नामांकन दाखिल हुए, अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने के आसार हैं।
मालेगांव मनपा चुनाव में नामांकन का आगाज, तीन दिन सन्नाटा, चौथे दिन दाखिल हुए पहले पर्चे
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Malegaon Municipal Election Hindi News: मालेगांव प्रकारी महानगरपालिका की 84 सीटों के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद हो रहे इस चुनाव के लिए उम्मीदवारों का उत्साह चरम पर है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले तीन दिनों तक एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ था, लेकिन शनिवार को चार अलग-अलग वार्डों (प्रभागों) से चार उम्मीदवारों ने कुल छह नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी आगाज कर दिया है।

पिछले चार दिनों में 718 व्यक्तियों ने कुल 1381 नामांकन पत्र खरीदे हैं। खाली फॉर्म खरीदने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह स्पष्ट है कि नामांकन के अंतिम दो दिनों में उम्मीदवारों की भारी भीड़ उमड़ेगी।

प्रशासनिक व्यवस्था और नामांकन का विवरण नगर निगम के 21 वाडाँ की 84 सीटों के लिए सात चुनाव निर्णय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

गठबंधन के पेंच से उम्मीदवारों में असमंजस

प्रत्येक अधिकारी के पास तीन वार्डों की जिम्मेदारी है। नामांकन पत्र स्वीकार करने के लिए सात अलग अलग केंद्र बनाए गए हैं। 27 दिसंबर को प्रभाग 11 से आशाबाई अहिरे (1 फॉर्म), प्रभाग 1 से जगदीश गोन्हे (2 फॉर्म), प्रभाग 9 से नरेंद्र सोनवणे (2 फॉर्म) और प्रभाग 23 से नलिनी विजय पाटिल (1 फॉर्म) ने अपने पर्व जमा किए हैं। नामांकन की समय-सीमा नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है। मुख्य चुनाव अधिकारी एवं मनपा आयुक्त रवींद्र जाधव ने स्पष्ट किया है कि अंतिम दिन दोपहर 3 बजे तक पर्व स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन फॉर्म खरीदने की समय-सीमा दोपहर 2 बजे तक ही रहेगी, तकनीकी चुनौतियां और राजनीतिक पेच नामांकन के साथ हलफनामा, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), संपत्ति का विवरण और आपराधिक रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज जुटाने में उम्मीदवारों के पसीने छूट रहे हैं।

नामांकन में हो रही है देरी

  • कागजी कार्रवाई में लगने वाले समय के कारण भी नामांकन में देरी हो रही है। दूसरी ओर, राजनीतिक अनिश्चितता ने भी उम्मीदवारों को रोक रखा है।
  • भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन की तस्वीर अब तक साफ नहीं हुई है, जिसके कारण उनके आधिकारिक प्रत्याशियों की घोषणा रुकी हुई है।
  • कांग्रेस और एमआईएम (MIM) का गठबंधन टूटने के बाद अब ये दल स्वतंत्र रूप से उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे है।
  • वहीं, 'सेक्युलर फ्रंट', शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) विपक्षी खेमे की घोषणाओं का इंतजार कर रहे है ताकि अपनी रणनीति तय कर सकें। माना जा रहा है कि रविवार और सोमवार तक प्रमुख दलों की सूचियां जारी होते ही नामांकन केंद्रों पर भारी भीड़ जुटेगी।
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