Malegaon Scam: मुर्दे को जिंदा कर कराई 8 पॉलिसियां, फिर रची 'नकली मौत' की साजिश; ऐसे खुला 6 करोड़ का राज!

Malegaon Insurance Fraud: मालेगांव में ₹6.12 करोड़ की बीमा ठगी का भंडाफोड़। फर्जी मौत और पोस्टमार्टम के जरिए रची गई थी साजिश। कमरे में टंगी तस्वीर ने खोल दी पोल।
Malegaon Insurance Scam: 9 arrested for ₹6.12 crore fraud using fake death & post-mortem reports. A photo frame exposed the conspiracy.
मालेगांव में बीमा कंपनी से स्कैम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Fake Death Scam: मालेगांव में बीमा की रकम हड़पने के लिए रची गई एक हैरान करने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में फर्जी मौत, फर्जी दुर्घटना और फर्जी पोस्टमार्टम के जरिए करीब 6.12 करोड़ रुपये की बीमा राशि हड़पने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राजेंद्र शालिंदर जाधव की वास्तविक मौत 23 फरवरी 2024 को बीमारी के कारण हो गई थी।

इसके बाद कुछ बीमा एजेंटों ने मृतक की पत्नी अरुणा जाधव से संपर्क किया और उन्हें करोड़पति बनने का लालच दिया। साजिश के तहत पहले से मृत राजेंद्र जाधव को कागजों में जिंदा दिखाकर उनके नाम पर कुल 8 बीमा पॉलिसियां करवाई गईं, जिनकी कुल राशि करीब 6.12 करोड़ रुपये थी। इसके बाद योजना के मुताबिक 19 अप्रैल 2025 को एक नकली सड़क दुर्घटना का नाटक रचा गया।

पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई कि एक काली थार गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें राजेंद्र जाधव की मौत हो गई। इस झूठी एफआईआर दर्ज करने के लिए चार पुलिसकर्मियों ने पैसे लिए। इतना ही नहीं, कुछ डॉक्टरों से भी संपर्क किया गया।

आरोप है कि चार डॉक्टरों ने बिना शव और बिना वास्तविक मौत के ही कागजों में पोस्टमार्टम दिखाकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी, जिसके बदले उन्हें भी पैसे दिए गए। इस फर्जीवाड़े के आधार पर एक बीमा कंपनी ने 10 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था, जबकि दूसरी कंपनी से 50 लाख रुपये मिलने ही वाले थे।

कमरे में टंगी तस्वीर के नीचे मौत की असली तारीख से हुआ खुलासा

हालांकि तीसरी बीमा कंपनी ने जब जांच के दौरान घर का सर्वे किया तो कमरे में राजेंद्र जाधव की तस्वीर टंगी मिली, जिसके नीचे मौत की असली तारीख 23 फरवरी 2024 लिखी हुई थी। यहीं से पूरे मामले पर शक गहराया। इस केस की जांच उत्तर प्रदेश की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा कर रही थीं, जो देशभर में 100 करोड़ रुपये से अधिक के ऐसे ही बीमा घोटालों की जांच कर रही हैं।

उन्होंने गहराई से जांच कर पूरे मामले का खुलासा किया और अपनी रिपोर्ट महाराष्ट्र के जलगांव पुलिस अधीक्षक को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर जलगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी अरुणा जाधव, भाई मिथुन जाधव, डॉक्टर मंदार कालवेकर, महेंद्र पाटिल, पुलिसकर्मी रविंद्र बत्तीशे, सचिन निकम, सुनील निकम, प्रवीण पाटिल और बीमा एजेंट प्रेम पाटिल शामिल हैं। पुलिस इस पूरे बीमा घोटाले में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com