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नाशिकरोड : किसी भी स्थिति में प्रत्येक बिजली मीटर (Electricity Meter) की रीडिंग शत-प्रतिशत सटीक होनी चाहिए। गलत बिजली बिलों और महावितरण (Mahavitaran) के राजस्व (Revenue) की हानि के कारण ग्राहकों (Customers) को हुई असुविधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (Managing Director) विजय सिंघल (Vijay Singhal) ने चेतावनी दी कि सटीक मीटर रीडिंग लेने में विफल रहने पर मीटर रीडिंग एजेंसियों (Meter Reading Agencies) के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई (Criminal Action) के साथ-साथ संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वे मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के क्षेत्रीय निदेशकों, मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालक अभियंताओं एवं अनुमंडल अधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर महावितरण के निदेशक संजय ताकसांडे और कार्यकारी निदेशक योगेश गडकरी उपस्थित थे। महावितरण के फील्ड अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत करते हुए सिंघल ने कहा कि कंपनी ग्राहकों द्वारा उपयोग की जाने वाली इकाइयों के अनुसार बिजली बिल चार्ज करने के लिए जिम्मेदार है। इसके लिए फोटो मीटर रीडिंग के लिए अलग से मोबाइल एप बनाया गया है और रीडिंग लेने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। प्रत्येक मीटर रीडिंग के लिए एजेंसियों को अच्छा भुगतान किया जाता है। फिर भी मीटर की गलत रीडिंग लेने और फोटो को धुंधला करने, रीडिंग लेने में सक्षम नहीं होने की टिप्पणी आदि के मामले सामने आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब एैसा कुछ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी ग्राहकों की मीटर रीडिंग शत-प्रतिशत सटीकता के साथ ली जाए। ऐसे में महावितरण के राजस्व का नुकसान होता है।
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वहीं बिजली उपभोक्ताओं को बिल में सुधार की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए केवल एक नोटिस भेजकर रीडिंग एजेंसी और उसके कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया है।सिंघल ने इस फरवरी में शत-प्रतिशत सटीक मीटर रीडिंग प्राप्त करने में विफल रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान निदेशक ताकसांडे ने मीटर रीडिंग से होने वाली त्रुटियों और दोषपूर्ण रीडिंग से बचने के उपायों की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कहा कि राज्य में हर मीटर रीडिंग एजेंसी का प्रदर्शन सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रणाली में दर्ज किया जा रहा है। उसके आधार पर और साथ ही प्रति माह गलत रीडिंग के औसत के आधार पर संबंधित रीडिंग एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। तकसांडे ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सुधार नहीं होता है, तो इसे आपराधिक कार्यवाही के साथ ब्लॅक लिस्ट में डाल दिया जाएगा और ऐसी एजेंसियों और उनके कर्मचारियों को फिर से महावितरण में काम नहीं मिल पाएगा।