65% नॉन-कन्वेंशनल पावर: ग्रीन एनर्जी में महावितरण की बड़ी उपलब्धि राष्ट्रीय सम्मान
Nashik Non-Conventional Energy: महावितरण को ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और 65% नॉन-कन्वेंशनल पावर शामिल करने के लिए 14वें ग्रीन एनर्जी समिट में एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Mahavitaran Green Energy: नासिक केंद्र और राज्य सरकारा की पॉलिसी के हिसाब से, महावितरण ग्रीन एनर्जी को प्रायोरिटी दे रहा है। सस्ती और सस्टेनेबल पावर सप्लाई के लिए, महावितरण ने नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी को प्राथमिकता दी है और लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट में 65 परसेंट नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी को शामिल किया है।
इन और दूसरी अचीवमेंट्स के लिए, महावितरण को 14वें ग्रीन एनर्जी समिट में ग्रीन एनर्जी और एनर्जी एफिशिएंसी एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा नई दिल्ली में ऑर्गनाइज किए गए इस समिट को महावितरण के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर धनंजय ढिकर, मोहन मुजूमदार और शुभम चोरमले ने समिट के चेयरमैन और युनियन एनर्जी सेक्रेटरी (रिटायर्ड) अनिल राजदान से रिसीव किया।
7 लाख नौकरियों के मिलेगें अवसर
अतिरिक्त मुख्य सचिव (एनर्जी) आभा शुक्ला ने राज्य के पावर सेक्टर के लिए एक रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान तैयार किया है। इसके मुताबिक, 2030 तक 45,000 मेगावाट बिजली और बढ़ेगी, जिसमें 38,000 मेगावाट ग्रीन एनजी शामिल है।
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इससे रिन्यूएबल एनर्जी की कैपेसिटी 13 परसेंट से बढ़कर 52 परसेंट हो जाएगी। साथ ही, करीब 3,30,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट होगा और करीब 7 लाख नौकरियां – पैदा होंगी, क्योंकि अगले पांच सालों में
बिजली खरीदने में 82,000 करोड़ रुपये की बचत होगी, इसलिए सभी कैटेगरी के लिए बिजली के रेट कम हो जाएंगे।
3,520 मेगावाट कैपेसिटी के सोलर पावर प्रोजेक्ट्स चालू
इसी प्लान के मुताबिक, महावितरण के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर लोकेश चंद्रा ने एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन को काफी बढ़ावा दिया है। महावितरण ने अब तक सभी एनर्जी सोर्स से प्रेफरेंशियल रेट पर 72,918 मेगावाट कैपेसिटी के लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट साइन किए हैं।
इसमें 47,347 मेगावाट (65 परसेंट) नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी शामिल है।
महावितरण ने एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन में, खासकर सोलर एनर्जी सेक्टर में, बड़ी लीड ली है। अब तक किसानों को दिन में बिजली सप्लाई करने के लिए 3,520 मेगावाट कैपेसिटी के सोलर पावर प्रोजेक्ट्स चालू किए जा चुके हैं।
9 लाख से अधिक किसानों को मिल रही बिजली
इसमें से 9 लाख से ज्यादा किसानों को दिन में बिजली दी जा चुकी है। जबकि देश में सबसे ज्यादा 8 लाख से ज्यादा सोलर एग्रीकल्चरल पंप लगाए जा चुके हैं।
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इसके साथ ही, प्रधानमंत्री सूर्य घर फ्री बिजली स्कीम के तहत, राज्य में अब तक 4 लाख 43 हजार से ज्यादा घरेलू कंज्यूमर के लिए 1733 MW कैपेसिटी के स्फटॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट्स लगाए जा चुके है और उनके महीने के बिजली बिल भी जीरो कर दिए गए है।
