नासिक में प्याज संकट: 800 रुपये क्विंटल भाव से किसान बेहाल, MSP या गांजा खेती की मांग तेज

Onion Prices News: प्याज की कीमतें 700-800 रुपये तक गिरने से नाशिक के किसान बेहद नाराज हैं। निर्यात ठप्प होने और घाटे के कारण अब उन्होंने सरकार से गांजा उगाने की अनुमति देने की मांग की है।
Plummeting onion prices in Nashik have sparked outrage. Facing huge losses due to halted exports, farmers now demand permission to grow cannabis.
नाशिक में प्याज संकट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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 Nashik Farmers News: महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसान वर्तमान में गहरे संकट से जूझ रहे हैं। बाजार में प्याज की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्याज को महज 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जिससे खेती की लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है।

इसी आक्रोश में नासिक जिले के नांदगांव के किसानों ने सरकार से तीखी मांग की है कि या तो प्याज को उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य और अनुदान दिया जाए, अन्यथा उन्हें गांजा उगाने की अनुमति दी जाए।

दाम 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे गिरे ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों का सीधा असर प्याज के निर्यात पर पड़ा है। खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात ठप्प हो गया है, जिसका सबसे बड़ा झटका नासिक के बाजार को लगा है।

कीमतों के टूटने से किसान हताश

साथ ही, घरेलू स्तर पर विभिन्न राज्यों से प्याज की आवक बढ़ने के कारण कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दो महीनों के भीतर प्याज के दाम 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे गिर गए हैं। त्योहारों के सीजन में कीमतों के टूटने से किसान हताश हैं।

नासिक जिले में अब विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। किसानों की मांग है कि सरकार बेचे गए प्याज पर कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दे, किसानों का कहना है कि लाल प्याज की आवक बढ़ रही है, लेकिन घरेलू मांग में कमी और ठप्प पड़े निर्यात ने थोक बाजार की कमर तोड़ दी है।

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