नासिक ZP CEO ओंकार पवार के खिलाफ DOPT में शिकायत: लापरवाही और झूठी रिपोर्ट के आधार पर केस बंद करने का आरोप

Nashik ZP News: नासिक ZP CEO ओंकार पवार पर लापरवाही और साक्ष्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए DOPT में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता निलेश भावसार ने अब कानूनी लड़ाई की चेतावनी दी है।
A complaint has been filed with DOPT against Nashik ZP CEO Omkar Pawar for negligence and filing false reports. Complainant Nilesh Bhavsar warns of further legal action.
Nashik ZP CEO Omkar Pawar
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Nashik Administrative Negligence News: नासिक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ओंकार पवार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी), नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई गई है।

शिकायतकर्ता निलेश भावसार ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक स्तर पर कर्तव्य में भारी लापरवाही बरती गई और झूठी रिपोर्ट के आधार पर उनकी शिकायत का निपटारा कर दिया गया।

सबूतों को नजरअंदाज करने का दावा

नासिक शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित मामले में जांच रिपोर्ट, ग्रामसभा प्रस्ताव और वारस रिकॉर्ड सहित सभी आवश्यक आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया। इसके विपरीत, कथित रूप से एक गलत रिपोर्ट को मंजूरी देकर शिकायत को बंद कर दिया गया।

कानूनी लड़ाई की तैयारी

  • शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि नागरिकों की समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें अदालत जाने की सलाह देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। निलेश भावसार ने आरोप लगाया है कि इस संबंध में प्रशासन द्वारा लिखित जवाब देने से भी साफ इनकार कर दिया गया, जिसके प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं।
  • इस प्रशासनिक सुस्ती और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ अब सीधे केंद्रीय विभाग में गुहार लगाई गई है। शिकायत पर उचित कार्रवाई न होने की स्थिति में भावसार ने मामले को और आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।
  • उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) और उच्च न्यायालय के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) से भी न्याय मांगने की तैयारी जताई है।
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