

Maharashtra MLC Election Schedule: महाराष्ट्र विधान परिषद के स्थानीय स्वराज्य निकाय निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। राज्य की 16 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। इन चुनावों में नासिक स्थानीय स्वराज्य निकाय निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है। इसके चलते जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नासिक निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 2018 में हुए चुनाव में तत्कालीन शिवसेना के नरेंद्र दराडे ने 399 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।
उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार एड. शिवाजी सहाणे को 167 मतों से पराजित किया था। सहाणे को 232 वोट मिले थे। उस समय भाजपा ने ऐन वक्त पर सहाणे को समर्थन दिया था। हालांकि इस बार स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में दलों की संख्या और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है। ऐसे में महायुति की ओर से फिर नरेंद्र दराडे को उम्मीदवार बनाया जाएगा या किसी नए चेहरे को मौका दिया जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
नासिक जिले की 2 महानगरपालिकाओं, 11 नगरपालिकाओं और 6 नगर पंचायतों के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे। कुल 581 सदस्य मतदाता होंगे। मनोनीत सदस्यों के शामिल होने पर यह संख्या कुछ बढ़ सकती है। जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सभापतियों को भी मतदान का अधिकार होता है। लेकिन जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव अभी तक नहीं होने के कारण जिला परिषद के 74 और पंचायत समिति के 15, यानी कुल 89 संभावित मतदाता इस बार मतदान से वंचित रहेंगे।
नासिक और मालेगांव महानगरपालिकाओं में कुल 206 सदस्य हैं। मनमाड, नांदगांव, येवला, सिन्नर, भगूर, पिंपलगांव बसवंत, सटाणा, त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, ओझर और चांदवड़ की 11 नगरपालिकाओं में 264 नगरसेवक हैं। इनके साथ सीधे निर्वाचित 11 नगराध्यक्षों को मिलाकर कुल 275 मतदाता होंगे।
दिंडोरी, निफाड, कळवण, देवला, पेठ और सुरगाणा की छह नगर पंचायतों में कुल 100 सदस्य हैं। इस प्रकार महानगरपालिका, नगरपालिका और नगर पंचायतों को मिलाकर कुल मतदाताओं की संख्या 581 होगी।
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव और कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इन सीटों के चुनाव लंबे समय से लंबित थे। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद नासिक सहित राज्य के सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
नासिक जिले की अधिकांश नगरपालिकाओं में शिवसेना के शिंदे गुट का प्रभाव है। वहीं नासिक महानगरपालिका में भाजपा के पास बड़ी संख्या में सदस्य हैं। मालेगांव महानगरपालिका के कुछ सदस्यों को छोड़े के बाकी किसी भी पक्ष के साथ स्पष्ट रूप से नहीं माने जाते। ऐसे में इस चुनाव में भाजपा और शिंदे गुट दोनों अपने-अपने दावे मजबूत तरीके से पेश कर सकते हैं। यदि महायुति की ओर से एक ही उम्मीदवार मैदान में उतारा गया, तो उसकी जीत की राह काफी आसान मानी जा रही है।