नासिक के बांधों में पिछले साल से ज्यादा पानी, कुल भंडारण 32.57%; बारिश में देरी होने पर गहरा सकता है संकट

Nashik Dams News: नासिक जिले के 26 बांधों में इस वर्ष 32.57% जल भंडारण उपलब्ध है, जो पिछले साल से बेहतर है। गंगापुर समूह में 47.90% पानी है, लेकिन प्रशासन ने किल्लत से बचने की अपील की है।
Nashik dams record a satisfactory 32.57% water stock compared to last year's 26.02%. Gangapur dam holds 47.90% water, but delays in monsoon may trigger a crisis.
नासिक बांध (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Dams Water Storage 2026: नासिक मई महीने के मध्य में नासिक जिले के बांधों में अपेक्षाकृत संतोषजनक जल भंडारण उपलब्ध होने से राहत की तस्वीर सामने आई है। जिले की बड़े और मध्यम श्रेणी की कुल 26 परियोजनाओं में वर्तमान में 23,003 मिलियन घनफुट (एमसीएफटी) उपयोगी जल भंडारण उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 32.57 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी दिन यह भंडारण 26.02 प्रतिशत था।

इस प्रकार इस वर्ष जल भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, जिले के कुछ क्षेत्रों में अब भी गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है और ऐसे गांवों में प्रशासन ने टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। जून में मानसून शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन यदि वर्षा में देरी हुई तो जल संकट और गहरा सकता है।

गंगापुर समूह के बांधों में 4,870 एमसीएफटी पानी

जिले की 7 बड़ी परियोजनाओं की कुल भंडारण क्षमता 48,004 एमसीएफटी है, जिनमें फिलहाल 22,615 एमसीएफटी उपयोगी जल उपलब्ध है। वहीं 19 मध्यम परियोजनाओं की कुल क्षमता 22,615 एमसीएफटी है, जिनमें केवल 388 एमसीएफटी पानी शेष है।

नासिक शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले गंगापुर समूह के चार प्रमुख बांधों में कुल 4,870 एमसीएफटी जल भंडारण है, जो 47.90 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में इस समूह में केवल 33.77 प्रतिशत जल भंडारण था। गंगापुर बांध में 43।84 प्रतिशत, काश्यपी बांध में 47।14 प्रतिशत, गौतमी गोदावरी बांध में 78.16 प्रतिशत तथा आळंदी बांध में 8.46 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

देरी से बारिश होने पर हो सकता है संकट

दारणा समूह के पांच बांधों में वर्तमान में 6,575 एमसीएफटी पानी है, जो कुल क्षमता का 27.56 प्रतिशत है। वहीं गिरणा घाटी की छह परियोजनाओं में 7,998 एमसीएफटी जल भंडारण उपलब्ध है, जो 34.68 प्रतिशत है।

नासिक जिले में कुल जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर होने के बावजूद गर्मी की तीव्रता और बढ़ती मांग को देखते हुए उपलब्ध पानी के सुनियोजित उपयोग पर प्रशासन जोर दे रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग अत्यंत सावधानी और मितव्ययिता से करें, ताकि मानसून आने तक उपलब्ध जलस्रोतों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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