

Maharashtra Closed Company Land Reuse: नासिक महाराष्ट्र में नए निवेश और उद्योग लाने के सरकार के दावों के बीच राज्य में बंद पड़ी कंपनियों और उनकी खाली जमीन का मुद्दा सामने आया है। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद राजाभाऊ वाजे ने दावा किया कि मुंबई में 12,009 और पुणे में 6,433 कंपनियां बंद हो चुकी हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि नए उद्योगों के लिए जमीन तलाशने के साथ-साथ बंद कंपनियों की जमीन का भी पुनः उपयोग किया जाए। वाजे ने कहा कि सरकार राज्य के विभिन्न हिस्सों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किए जाने की जानकारी दे रही है।
नया निवेश लाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ मौजूदा उद्योगों को बचाने और बंद इकाइयों की जमीन को नए उद्योगों के लिए उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना चाहिए, मुंबई, पुणे और नासिक जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क। और अन्य सुविधाएं होने के बावजूद कई कंपनियां बंद हो रही हैं।
कंपनी बंद होने के बाद उसका प्लॉट लंबे समय तक खाली पड़ा रहता है, जबकि नए उद्योगों के लिए जमीन की कमी बताई जाती है। ऐसे में बंद कंपनियों से जुड़े कर्ज, समझौतों और कानूनी मामलों का तेजी से निपटारा कर उनकी जमीन नए उद्योगों को उपलब्ध कराने की जरूरत है।
इसी मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में 36,211 निजी कंपनियों ने कामकाज बंद कर दिया या अपना कारोबार दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल नई कंपनियां लाने के बजाय मौजूदा उद्योगों के लिए नियम सरल करने, बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
चाकण, हिंजवड़ी, पिंपरी-चिंचवड़ और नासिक एमआईडीसी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को भी उन्होंने उठाया।
आदित्य के अनुसार, रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए बेहतर शिक्षा, मजबूत बुनियादी ढांचा तथा मौजूदा कंपनियों के लिए कारोबार सुगमता जरूरी है।
वाजे ने नासिक में सड़कों और गड्डों की समस्या को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुछ महीने पहले महानगरपालिका को पत्र दिया गया था और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी पत्र व ई-मेल भेजे गए हैं।
उनका कहना है कि सड़कों की मरम्मत केवल अस्थायी पैचवर्क तक सीमित न रखकर स्थायी और योजनाबद्ध तरीके से की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि गड्डों की समस्या को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) की ओर से 17 अगस्त को मोर्चा निकाला जाएगा।