नागपुर स्मार्ट सिटी का अजीब विकास: मनीषनगर टी-पॉइंट पर चमचमाती सड़कों के बीच गड्डों का जाल, उठे सवाल!

Nagpur Smart City: नागपुर के मनीषनगर टी-पॉइंट पर तीनों ओर सीमेंट सड़कें हैं, लेकिन बीच का हिस्सा गड्ढों से भरा है। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच बदहाल सड़क से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
Nagpur Smart City's peculiar development: A web of potholes amidst gleaming roads at Manish Nagar T-point questions raised!
नागपुर स्मार्ट सिटी, मनीषनगर, सड़क बदहाल (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Smart City Manish Nagar Road Condition: नागपुर स्मार्ट सिटी के दावों और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बीच मनीषनगर का एक टी-पॉइंट व्यवस्था की पोल खोल रहा है। महाजन आटा चक्की, अंडरब्रिज और शिवणगांव की ओर से आने वाली तीनों सीमेंट सड़कें इस चौराहे पर आकर मिलती हैं लेकिन विडंबना यह है कि ठीक संगम स्थल पर सड़क का सबसे बदहाल हिस्सा छोड़ दिया गया। तीनों ओर से सीमेंट सड़कें हैं, जबकि बीच में गड्डों का ऐसा जाल सा बिछा है जो हर गुजरने वाले वाहन चालक की परीक्षा लेता है।

बारिश में सड़क नहीं, तालाब जैसा

बारिश शुरू होते ही यह टी-पॉइंट सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आता है। गड्डों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशान होते हैं। कई बार वाहन अचानक गड्ढे में उतरने से संतुलन बिगड़ जाता है, जबकि चारपहिया वाहन भी रेंगने को मजबूर हो जाते हैं।

हर बारिश में यहां दुर्घटना का खतरा सिर पर मंडराता रहता है लेकिन जिम्मेदार विभाग की नजर शायद इस रास्ते तक कभी पहुंची ही नहीं। सिर्फ बारिश ही नहीं, धूप निकलने पर भी राहत नहीं मिलती। पानी सूखते ही गहरे गड्ढे वाहनों का मुंह ताकते नजर आते हैं।

हर गुजरने वाले वाहन को झटके लगते हैं और सस्पेंशन से लेकर टायर तक प्रभावित होते हैं। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं लेकिन सड़क की दुर्दशा जस की तस बनी हुई है।

गिट्टी का ढेर बना अतिरिक्त संकट

टी-पॉइंट के किनारे पड़ा गिट्टी का विशाल ढेर भी परेशानी को कई गुना बढ़ा रहा है। बिल्कुल सड़क से लगकर जमा की गई ये गिट्टी बिखरती जा रही है जिससे हमेशा ही वाहनों के फिसलने की संभावना बनी रहती है। बारिश में गिट्टी सड़क पर फैल जाती है और फिसलन बढ़ा देती है। ऐसे में वाहनों का नियंत्रण बिगड़ने का खतरा लगातार बना रहता है।

क्या यहीं खत्म हो गई स्मार्ट सिटी की निधि ?

खास बात है कि पिछले 2 वर्षों से इस टी-पॉइंट पर ऐसा ही नजारा बना हुआ है। इसे देखकर लगता है कि जैसे स्मार्ट सिटी परियोजना की सारी निधि इसी टी-पॉइंट तक आते-आते खत्म हो गई।

तीनों ओर सीमेंट सड़कें बन गईं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन को अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजा यह है कि नागरिक रोजाना बदहाली झेलने को मजबूर हैं और जिम्मेदार एजेंसियां आंखें मूंदे बैठी हैं।

यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह बदहाल टी-पॉइंट किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यह चौराहा आज भी सवाल पूछ रहा है कि आखिर नागरिकों को सुरक्षित और सुगम सड़क कब मिलेगी?

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